दीपावली और छठ के त्योहारों में बिहार आने वाले यात्रियों को इस बार कोई परेशानी नहीं होगी। ट्रेनों की कमी की वजह से उन्हें अपनी यात्रा रद्द नहीं करनी पड़ेगी। रेलवे पर्याप्त संख्या में पूजा और छठ स्पेशल ट्रेनों का परिचालन देश के अलग-अलग स्टेशनों से करेगा। उन्होंने बताया कि रेलवे की परीक्षाओं के लिए एक करोड़ से अधिक परीक्षार्थी अलग-अलग शहरों में जा रहे हैं। लेकिन ईसीआर के स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था के कारण कहीं से परेशानी की कोई शिकायत नहीं मिली।

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ऐसी ही व्यवस्था पूजा स्पेशल ट्रेनों की होगी। ये बातें पूर्व-मध्य रेल के जीएम एलसी त्रिवेदी ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कही। ईसीआर द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता पखवाड़ा के संबंध में इस वार्ता का आयोजन किया गया था। मौके पर पटना विवि के कुलपति प्रो. आरबीपी सिंह, पीसीएमई अनिल शर्मा, पीसीसीएम विष्णु कुमार, पूर्वजीएम प्रमोद कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे। जीएम ने बताया कि 15 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच ईसीआर समेत पूरे देश में स्वच्छ रेल-स्वच्छ भारत के तहत स्वच्छता ही सेवा-स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान जोन के सभी पांच मंडलों के रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता से संबंधित कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वच्छता के संबंध में यात्री शिकायत के लिए पटना जंक्शन पर इंटेल की मदद से स्वच्छमैप एप विकसित किया गया। यह दो अक्टूबर से कार्य करने लगेगा।

ईसीआर ने 7370 करोड़ रुपये की आय अर्जित की

मौके पर जीएम ने चालू वित्तीय वर्ष की प्रथम छमाही के दौरान ईसीआर की उपलब्धियों को भी गिनाया। कहा कि अगस्त तक ईसीआर ने 7370 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है जो पिछले वर्ष की तुलना में रिकॉर्ड 18.27 प्रतिशत अधिक है। ईसीआर में यात्री सुविधाओं में भी सुधार हुआ है। मोबाइल से जेनरल टिकट की सुविधा, 21 रेलवे स्टेशन पर रविवार को भी आरक्षण टिकट की सुविधा, 5 जोड़ी नई ट्रेनों का परिचालन आदि कार्य किए गए। बिहार में रेल परियोजनओं के विकास पर अभी कुल 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

इसके तहत कई महत्वपूर्ण कार्य जिसमें मोकामा में नया रेल पुल, जेपी रेल पुल पर पाटलिपुत्रा-पहलेजा रेल लाइन का दोहरीकरण, हाजीपुर-बछवारा, हाजीपुर-रामदयालुनगर, समस्तीपुर-दरभंगा, किऊल-गया लाइन का दोहरीकरण किया जा रहा है। अगले एक से डेढ़ साल में ईसीआर में 100 प्रतिशत तक रेल लाइन विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इससे ट्रेनों की गति के साथ परिचालन समय में भी सुधार होगा। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण भारत-नेपाल सीमा तक ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है। दोनों देशों के विदेश मंत्रालय से काठमांडु तक रेल परिचालन पर सहमति बनी है। इसके लिए इरकॉन को सर्वे का काम दिया गया है। ईसीआर जल्द ही काठमांडू तक रेल सेवा का विस्तार करने में सफल होगा।

कोहरे में ट्रेन भी नहीं होगी लेट

एक प्रश्न के जवाब में जीएम ने कहा कि कुहरे के कारण ट्रेनें बहुत ज्यादा लेट नहीं होगी। उत्तर भारत जानेवाली महत्वपूर्ण ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस लगाया जाएगा। इससे ट्रेनों की गति पर फॉग का असर कम होगा। बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस कारण थोड़ी लेटलतीफी स्वीकार की जा सकती है।

By न्यूज़ डेस्क

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