विक्रमशिला पुल पर मरम्मत के दौरान ई-रिक्शा ही चलेगा। पीपा पुल नहीं बनेगा। लोगों को पुल के मरम्मत स्थल तक ई-रिक्शा से जाना होगा। मरम्मत वाले 100 मीटर के हिस्से को पैदल पार करना होगा। फिर जाह्नवी चौक की ओर यात्रियों को सवारी मिलेगी। प्रभारी मंत्री ललन सिंह और डीएम प्रणव कुमार ने रविवार को यह साफ कर दिया। डीएम ने यहां तक कह दिया कि पीपा पुल बनाने की बात कोरी कल्पना है। इतने कम समय में पीपा पुल तैयार ही नहीं हो सकता।
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इस पुल को तैयार कर भी दिया जाए तो कारगर नहीं होगा। मंत्री आयुष्मान भारत योजना के शुभारंभ के लिए भागलपुर पहुंचे थे। सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री ललन सिंह आैर डीएम प्रणव कुमार ने 28 सितंबर से 17 अक्टूबर के बीच पुल की होने वाली मरम्मत के दौरान वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर बात की। मंत्री ने कहा, लोगों को परेशानी न हो, इसलिए जिला प्रशासन पूरी योजना तैयार कर रहा है। ट्रैफिक की रणनीति भी बनाई जा रही है।

उन्होंने कहा, पीपा पुल बनाने जैसी कोई योजना जिला प्रशासन और सरकार की नहीं है। यह पुल ऐसी दशा में कारगर नहीं है। 2019 में विक्रमशिला के समानांतर पुल बनाने की योजना सरकार की है। इसके लिए डीपीआर बनवाया जा रहा है। इसके बाद इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। पुल की मरम्मत के दौरान जाह्वनी चौक पर अस्थायी बस स्टैंड बनाया जाएगा। नवगछिया एसडीएम मुकेश कुमार ने इसके लिए जगह तय कर दी है।
भारी वाहनों को नवगछिया जीरोमाइल में ही रोका जाएगा। ऐसे में जाह्ववी चौक से नवगछिया तक जाने में लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। जर्जर एनएच के सवाल पर मंत्री सिंह ने सिर्फ इतना ही कहा कि इस बारे में एनएच से संबंधित मंत्री ही बता सकें।

