विक्रमशिला पुल पर किसी न किसी कारण से जाम लगने का सिलसिला जारी है। कभी ओवरटेक करने से तो कभी वाहन खराब होने से जाम लग रहा है। शुक्रवार की अल सुबह पुल के पहुंच पथ पर बस खराब हो गई। इससे लगभग तीन घंटे तक जाम लगा रहा। हालांकि ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि वन-वे ट्रैफिक कर वाहनों को धीरे-धीरे निकाला गया।
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उधर, दोपहर लगभग एक बजे विक्रमशिला पुल पर ट्रक खराब हो गया, जिससे जाम लग गया। लगभग डेढ़ घंटे बाद खराब ट्रक को हटाया जा सका। इसके बाद आवागमन चालू हो सका। नवगछिया और भागलपुर की तरफ से आने-जाने वाले लोगों को जाम से जूझना पड़ा। बीएमपी जवानों को भी पुल और आसपास के थाना क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम को हटाने में लगाया गया। हाल के दिनों में पुल और बायपास पर वाहनों के खराब होने से जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। ज्यादा क्षमता वाले क्रेन उपलब्ध नहीं होने की वजह से भी परेशानी बढ़ी है। लोड वाहन के खराब होने के बाद उसे वहां से हटाने में परेशानी हो रही है। वर्तमान में उपलब्ध क्रेन सिर्फ खाली वाहनों को हटा सकता है। ज्यादा क्षमता वाला क्रेन के लिए एसएसपी ने विभाग को लिखा है।

विक्रमशिला सेतु पर शुक्रवार देर रात भीषण जाम लगा रहा। सेतु से पहुंच पथ पर वाहनों की तीन-तीन कतार लग जाने के कारण नवगछिया से भागलपुर जानेवाले लोगों को परेशानी हुई। नवगछिया के डॉ. आशुतोष को भागलपुर होकर पंजवारा जाना था लेकिन सेतु पर ही वह तीन घंटे जाम में फंसे रहे और समय पर नहीं पहुंच पाए। भागलपुर से सुपर ट्रेन पकड़कर कोलकत्ता जानेवाले कई यात्री जाम के कारण ट्रेन नहीं पकड़ पाए। उधर, दिन में भी तेतरी जीरोमाइल से सेतु तक रुक- रुककर जाम लगता रहा।
जाम में भागलपुर से सिलीगुड़ी जा रही एम्बुलेंस भी फंसी। एम्बुलेंस में मरीज के होने की बात पर परबत्ता पुलिस ने आनन-फानन में वाहनों को हटवाकर एम्बुलेंस को निकलवाया। जाम के कारण राजधानी एक्सप्रेस पकड़कर दिल्ली जानेवाले जमुई के यात्री की ट्रेन छूटते-छूटते बची। जाम में स्कूली बच्चों की गाड़ी फंसने के कारण दोपहर में भूख व प्यास से भी बच्चे परेशान रहे।

