बाबा भोलेनाथ व मां पार्वती का विवाहोत्सव घनिष्ठा नक्षत्र व शिवयोग में एक मार्च को मनाया जायेगा। महाशिवरात्रि को लेकर बूढ़ानाथ मंदिर, आदमपुर शिवशक्ति मंदिर, बाबा जागेश्वरनाथ मंदिर, बाबा कुपेश्वरनाथ मंदिर, मनसकामनानाथ मंदिर व हाउसिंग बोर्ड स्थित शिवालयों में तैयारी शुरू हो गयी है। मंदिरों का रंग-रोगन व सफाई का काम एक-दो दिनों में शुरू हो जायेगा। कई जगहों पर बाबा की धूमधाम से बारात निकाली जाएगी।
जगन्नाथ मंदिर के पंडित सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर घनिष्ठा नक्षत्र व शिवयोग का संयोग बन रहा है। महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को मनाया जायेगा। इस बार चतुर्दशी तिथि 28 फरवरी की रात 2:11 मिनट में प्रवेश करेगा, जो दो मार्च की सुबह 11 बजे तक रहेगा।
सोमवार को एक दिल समिति के द्वारा बासुकीनाथ मंदिर में भोले भंडारी का तिलक कराया जायेगा। इसके लिए भागलपुर से श्रद्धालु बासुकीनाथ जायेंगे। प्रवक्ता अवध शर्मा ने बताया कि 21 फरवरी को बाबा भोलेनाथ का तिलक बासुकीनाथ में चढ़ाया जा चुका है। इस दौरान उनके लिए धोती, मां पार्वती को कपड़ा, पांच तरह के फल आदि चढ़ाये जायेंगे। बासुकीनाथ मंदिर प्रशासन की ओर से तिलक के लिए सोमवार का समय मिला है। इस दौरान मंदिर में दो घंटे का तिलक व पूजन का काम होगा। इसके बाद बारात निकालने की तैयारी शुरू होगी।

सवा दो लाख रुद्राक्ष से बाबा भूतनाथ का होगा शृंगार
साहेबगंज स्थित भूतनाथ मंदिर में सवा दो लाख रुद्राक्ष से बाबा भूतनाथ का शृंगार होगा। व्यवस्थापक राहुल पचेरीवाला ने बताया कि काशी से बाबा के लिए रुद्राक्ष आ रहा है, जबकि बारात साहेबगंज से भूतनाथ मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद भगवान शिव व मां पार्वती का विवाह संपन्न कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि सुबह से बाबा का पूजन कार्य शुरू हो जाएगा।
शिवशक्ति मंदिर में 11 क्विंटल का चढ़ेगा लड्डू
महाशिवरात्रि के मौके पर आदमपुर स्थित शिवशक्ति मंदिर में 11 क्विंटल लड्डू का भोग भगवान शिव को चढ़ाया जायेगा। इसके साथ महिलाओं के बीच सुहाग की सामग्री लहठी, चूड़ी आदि का वितरण किया जायेगा। महंत अरुण बाबा ने बताया कि यहां वर्षों से सुहाग की सामग्री बांटने की प्रथा चली आ रही है। भागलपुर के अलावा मुंगेर, नवगछिया, बांका, कहलगांव आदि क्षेत्रों से लोग प्रसाद लेने आते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना से मुक्ति दिलाने व जनमानस के कल्याण के लिए 24 घंटे का महामृत्युंजय अखंड हवन की शुरुआत एक मार्च से होगी।
बूढ़ानाथ में फूलों से होगा बाबा का शृंगार
बूढ़ानाथ मंदिर के प्रबंधक बाल्मिकी सिंह ने बताया कि महाशिवरात्रि को लेकर मंदिर में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट सुबह पांच बजे खुल जायेगा। यहां महंत शिवनारायण गिरि के द्वारा फूलों से बाबा का शृंगार किया जायेगा। इसके बाद रात में विवाह संपन्न कराया जायेगा। सखीचंद घाट स्थित जागेश्वर नाथ शिवमंदिर में गाय के 11 किलो दूध, 100 लीटर गंगाजल से रुद्राभिषेक किया जाएगा। पंडित समीर मिश्रा ने बताया कि संध्या काल में भगवान का शृंगार किया जायेगा, रात्रि में शिव-पार्वती का विवाह कराया जायेगा।

