इस बार 9 फरवरी मंगलवार की रात 8:30 से आकाश मंडल में षडग्रही योग बन रहा है। इस योग का प्रभाव सभी राशियों पर रहेगा। वृष, कन्या और मकर राशि जातकों के लिए शुभ संकेत बनेंगे। इस योग में मकर राशि में 6 ग्रह एक साथ मौजूद रहेगें।ज्योतिषाचार्य मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि इससे पहले 1962 में 4 और 5 फरवरी को अष्टग्रही योग बना था यानि 8 ग्रह एक साथ थे।
राहु अलग था क्योंकि राहु और केतु एक दूसरे से सातवें घर में रहते हैं। इसलिए 4 और 5 फरवरी 1962 को सभी ग्रह एक साथ मकर राशि में थे। इस योग में मौसम पर विपरीत असर पड़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी को रात 10.30 बजे बुध ग्रह मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं। जो 11 मार्च तक रहेगी। मकर राशि में पहले से ही गुरु, शुक्र, शनि, सूर्य स्थित हैं।
बुध के पहुंचते ही पंचग्रही योग शुरू हो गया। 9 फरवरी को रात 8.29 बजे से 11 फरवरी सुबह 2.10 बजे तक चंद्र के मकर राशि में आ जाने से षडग्रही योग की उत्पत्ति होगी। सूर्य ग्रह का कुंभ राशि में प्रवेश 12 फरवरी सुबह 9.11 बजे होते ही पंचग्रही योग की समाप्ति हो जाएगी और मकर राशि में 4 ग्रह सूर्य, शुक्र, शनि, बुध रह जाएंगे। वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र का कहना है कि ग्रह-नक्षत्रों की ये स्थिति अनचाही घटनाओं की ओर इशारा कर रही है। सितारों की इस स्थिति का अशुभ असर देश-दुनिया पर पड़ सकता है।

ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र का कहना है कि प्राकृतिक आपदा और बड़े राजनीतिक बदलाव के योग सितारों की वजह से किसी खास इंसान का निधन हो सकता है। उपद्रव, भूकंप, तूफान या प्राकृतिक आपदा से देश में परेशानी बढ़ सकती है। मौसम में अचानक बदलाव होगा। देश के कुछ हिस्सों में बारिश होने के भी योग बन रहे हैं।
मकर राशि में मौजूद शनि, सूर्य, शुक्र एवं नीच राशि का गुरु होने से राजनेताओं के लिए संघर्षपूर्ण स्थिति बनाएगा। प्रधान नेताओं को देश की धार्मिक एवं सांप्रदायिक समस्याओं से निपटने के लिए कड़े फैसले लेने पड़ेंगे। बाजार में विशेष उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। तेल, तिलहन, गुड़, चीनी, दाल, मोटे अनाज के दाम भी कम हो सकते हैं। कीमती धातुओं के बाजार में भी मंदी आ सकती है।


