नवगछिया : नवगछिया अनुमंडल की महिलाओं ने समय समय पर अपने हुनर और प्रतिभा के बल पर अपना लोहा मनवाया है. बात स्वतंत्रता आंदोलन की हो या फिर खेल, शिक्षा, कला जगत की हो, हर क्षेत्र में नवगछिया की महिलाओं ने अपना सिक्का जमाया है. आजादी की लड़ाई में कई महिलाओं ने अपना सब कुछ न्यौछावर कर पतियों को देश सेवा के लिए प्रेरित किया तो गोपालपुर प्रखंड की माया देवी ने आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई. यही माया देवी आगे चल कर 1962 में हुए विधानसभा चुनाव में निर्वाचित हो कर गोपालपुर विधानसभा की विधायक बनी.

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राजनीति क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी

राजनीतिक क्षेत्र में वर्तमान स्थिति में महिलाओं की भागीदारी की चरचा करें तो नवगछिया अनुमंडल से पांच जिला पार्षद अपने दम पर राजनीति में हैं और विभिन्न दलों में सक्रिय हैं. विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बात चीत में पता चला है कि इन दिनों मुख्य संगठन में महिलाओं की अच्छी खासी और अब तक की रिकार्ड भागीदारी है. नवगछिया नगर पंचायत का जब से सृजन हुआ उस समय से अब तक मुख्य पार्षद की कुर्सी पर बैठने का सौभाग्य महिला को ही प्राप्त हुआ है. वैसे तो पंचायती राज व्यवस्था में आरक्षण के बाद बड़े पैमाने पर महिला निर्वाचित हुई हैं. लेकिन नवगछिया में 50 से अधिक ऐसी जनप्रतिनिधि है तो अपना काम खुद कर रही हैं.

खेल क्षेत्र में नवगछिया की भागीदारी

नवगछिया खेल क्षेत्र में महिलाओं की अग्रणी भूमिका रही है. नवगछिया के बिहपुर प्रखंड को खेल की नर्सरी कहा जाता है. यहां पर वॉली बॉल, खो खो, कबड्डी, नेट बॉल, बॉल बैडमिंटन आदि खेल प्रचलित है. विगत बीस वर्षों में खेल के दम पर 24 से अधिक लड़कियों ने सरकारी नौकरी प्राप्त कर अपने जीवन को खुद संवार चुकी है. बिहपुर में करीब 200 लड़कियां प्रत्यक्ष रूप से किसी न किसी खेल से जुड़ी हैं. इधर नवगछिया में ताइक्वांडो काफी प्रचलित है. ताइक्वांडो संघ के सचिव घनश्याम प्रसाद और कोच राष्ट्रीय खिलाड़ी फाईटर जेम्स ने कहा कि नवगछिया दस हजार से ज्यादा लड़कियां प्राथमिक रूप से आत्मरक्षा करना जाती हैं तो 50 से अधिक लड़कियां स्टेट लेवल पर खेल चुकी हैं. जिसमें तीन मेडलिस्ट हैं.

रोजगार से जुड़ कर स्वाबलंबी हुई महिलाएं

विगत दस वर्षों में लघु उद्योग और कुटीर उद्योग के माध्यम से नवगछिया की पांच सौ से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ कर स्वाबलंबी हुई हैं. खास कर गोपालपुर के धरहरा, लत्तीपाकड़, बिहपुर के सोनवर्षा गांव में महिलाएं मशरूम की खेती कर अच्छी कमाई कर रही हैं तो दूसरी तरफ महिलाएं नर्सिंग सेवा, दुकानदारी, शिक्षा क्षेत्र से जुड़ कर अपना घर चला रही हैं.

इन क्षेत्रों में भी महिलाओं ने लहराया परचम

नवगछिया के पकड़ा गांव की ज्योति प्रभा ने नवगछिया की पहली महिला पायलट बनने का गौरव प्राप्त किया तो जमुनियां की पल्लवी ने कचरे से सड़क बनाने का रोड मैप बना कर पूरे देश को चकित कर दिया. कला क्षेत्र में भी लड़कियां पीछे नहीं हैं. वर्ष 2018 में रूंगटा बालिका विद्यालय की छात्राओं ने नृत्य प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था.

By Rishav Mishra Krishna

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