नवगछिया। भागलपूर सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने सोमवार को जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौधरी व अन्य सहयोगियों के साथ पीएचसी इस्माईलपुर का निरीक्षण कर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व स्वास्थ्य प्रबंधक को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल व्यवस्था में सुधार लाने को कहा। सीएस ने बताया कि यहां की शिकायत जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों से बराबर मिलते रहती है।
उन्होंने बताया कि बंध्याकरण के मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाने व एआरवी इंजेक्शन के बदले डिस्टिल वाटर लगाने वगैरह के मामले की जांच की। एंबुलेंस खराब रहने की स्थिति में किराये की गाड़ी से बंध्याकरण वाले मरीजों को घर पहुंचाने का निर्देश दिया तथा एआरवी मामले की आरोपित एएनएम से मामले की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित मरीज को बुलाकर पूरी जानकारी लेने का निर्देश प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दिया।
मेडिकल वेस्ट कचरा जहां-तहां फेंके जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए रहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व स्वास्थ्य प्रबंधक को शोकॉज किया जायेगा। मौके पर मौजूद जिला पार्षद विपिन कुमार मंडल ने बताया कि यहां मरीजों की सुविधा के नाम पर खानापूर्त्ति की जाती है। महीनों से सीसीटीवी खराब है। एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध नहीं है। मेडिकल वेस्ट कचरा जहां-तहां फेंका जाता है। एंटीजन किट वगैरह भी यत्र तत्र फेंका जाता है।

सिविल सर्जन ने बताया कि तीन वर्षों से अधिक समय से जमे स्वास्थ्य कर्मियों का तबादला जून महीने में किया जायेगा। उन्होंने ततकाल सीसीटीवी ठीक करवाने, मेडिकल वेस्ट कचरा को उचित स्थान पर रखने व साफ-सफाई को दुरुस्त करने को कहा।

