सरकारी स्कूलाें के शिक्षकाें काे सेल्फी से अटेंडेस बनाने और आकस्मिक अवकाश के लिए जारी विभागीय आदेश का मामला तूल पकड़ने लगा है। शिक्षक संघ इसके खिलाफ एकजुट हाे गए हैं। इसके लिए रविवार काे सभी शिक्षक संगठनों की संयुक्त बैठक बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ भवन में हुई। अध्यक्षता राजकुमार प्रसून ने की। इस दाैरान बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव रवि शंकर के साथ विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने समस्याओं को रखा। इसमें सेल्फी द्वारा उपस्थिति दर्ज करने और आकस्मिक अवकाश को प्राप्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी आदेश काे नियम के खिलाफ बताया गया।
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वक्ताओं ने कहा कि सेल्फी से उपस्थिति बनाने में महिलाओं की निजता का हनन हो रहा है। दर्जनों शिक्षक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। मुस्लिम महिला शिक्षक काे पर्दा में रहने का नियम है और उन्हें भी बेपर्दा होकर फोटो खिंचवाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। इस बात से महिला मुस्लिम शिक्षिकाओं में गुस्सा है। आकस्मिक अवकाश के लिए बिहार सेवा संहिता 1961 के नियमावली में छुट्टी देने और छुट्टी मंजूर करने का नियम है।
नियोजित शिक्षकों को बिहार प्रारंभिक पंचायत शिक्षक हस्तांतरण प्रोन्नति नियमावली 2020 में आदेश के खिलाफ स्थानीय आदेश निर्गत है। जब तक राज्य सरकार का आदेश प्राप्त नहीं हो जाता है, तब तक स्थानीय पदाधिकारी के आदेश का पालन करना अव्यवहारिक हाेगा।

बच्चाें की कम उपस्थिति पर हेडमास्टर पर कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण
विद्यालय में बच्चाें की कम उपस्थिति पर प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसका विरोध करने का निर्णय लिया गया। बैठक में बिहार माध्यमिक शिक्षक संगठन के तीनों अनुमंडल सचिव संजीव कुमार, चंदन कुमार, नसीम आलम, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार व कुमार कौशिक, संयुक्त सचिव निशिकांत भारती व डॉ. संजू कुमारी, जिला कार्यकारिणी सदस्य अजय कुमार, जिला परिषद प्रीतम यादव, संजय कुमार, अजय कुमार सिंह, राकेश राय, शेख इरफान, बिहार प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता, जिला सचिव श्याम नंदन सिंह, प्रमंडलीय सचिव ब्रजराज चौधरी आदि माैजूद थे। बैठक का संचालन पवन कुमार ने किया।
