विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत के सातवें दिन पुल के पाया संख्या तीन को हाइड्रोलिक जैक से 50 एमएम उठाया गया। उसके बाद पाया संख्या तीन के पुराने बॉल-बियरिंग को क्रेन के जरिए निकालकर उसमें दो नए बॉल बियरिंग लगाने का कार्य हुआ। सेतु के नीचे दरारों में ग्राउंटिंग भरने और कार्बन प्लेट चिपकाने का कार्य गुरुवार को करीब-करीब पूरा कर लिया गया है। सेतु के नीचे अब बचे हुए ग्राउंटिंग भरने और कार्बन चिपकाने का कार्य पाया संख्या दो को उठाने और बॉल बियरिंग लगने के बाद किया जाएगा। उम्मीद है कि 17 अक्टूबर तक सेतु पर मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, इसके बाद सेतु पर आवागमन शुरू होने की संभावना जताई गई है।
Total Downloads: 72
शुक्रवार को पाया संख्या दो के स्पेंडेड स्पेन को हाइड्रोलिक जैक पर उठाया जाएगा, उसके बाद बॉल-बियरिंग बदले जाएंगे। सेतु पर कुल छह बॉल-बियरिंग बदले जाने हैं। पाया संख्या तीन के दो बॉल-बियरिंग, पाया संख्या दो और पाया संख्या चार के भी दो बॉल-बियरिंग बदले जाएंगे। पाया संख्या दो और तीन का एक्सपेंशन ज्वाइंट निकालने के बाद पुल का स्लैब अब भी सेंटर के क्षतिग्रस्त बॉल-बियरिंग पर टिका है। पुल की कनेक्टिविटी दूसरे स्पेन के साथ नहीं है। जब तक सेतु पर एक्सपेंशन ज्वाइंट पार्ट को एक-दूसरे स्पेन से जोड़ा नहीं जाता है, तब तक खतरा बना रहेगा। 6 अक्टूबर तक सभी बॉल-बियरिंग बदल दिए जाएंगे। 7 और 8 अक्टूबर को सेतु के दोनों तरफ नए एक्सपेंशन ज्वाइंट लगाएं जाएंगे, इसके बाद ढलाई होगी। उसके बाद सात दिनों तक इसके जमने के बाद लोड टेस्ट के बाद ही पुल निर्माण निगम को हैंडओवर किया जाएगा।

एक्सपेंशन ज्वाइंट के पास बदले गए दो बॉल-बियरिंग
विक्रमशिला पुल पर मरम्मत कार्य के दौरान पुल को जैक लगाकर उठाया गया।
विक्रमशिला पुल पर मरम्मत के दौरान क्रेन से सामान को बाहर निकाला गया।
मैनेजिंग डायरेक्टर ने किया सेतु का निरीक्षण

विक्रमशिला सेतु के मरम्मत में लगी मुंबई की रोहरा रीबिल्ड एसोसिएट के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोहर लाल रोहरा गुरुवार को सेतु के निचले भाग में ग्राउंटिंग भरने और कार्बन चिपकाने का कार्य के साथ-साथ पाया संख्या तीन में लग रहे बॉल-बियरिंग और सेतु को उठाने के कार्य का निरीक्षण किया।

आज भी हाइड्रोलिक जैक से उठाने का होगा कार्य
रोहरा रीबिल्ड, प्रोजेक्ट साइट इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत के सातवें दिन पुल के पाया संख्या तीन को हाइड्रोलिक जैक से 50 एमएम उठाया गया। उसके बाद पाया संख्या तीन के पुराने बॉल-बियरिंग को क्रेन के जरिए निकालकर उसमें दो नए बॉल बियरिंग लगाने का कार्य हुआ। आज पाया संख्या दो के स्पेंडेड स्पेन को हाइड्रोलिक जैक पर उठाया जाएगा, उसके बाद बॉल-बियरिंग बदले जाएगे। इधर, सेतु पर सवारी बैठाने के होड़ में टेंपो चालक व्यवस्था को तार-तार कर रहे हैं। गुरुवार को मुरलीगंज के विक्षिप्त प्रमोद कुमार को हाथ-पैर बांधकर उनके परिजन कंधे पर टांग कर ला रहे थे। उन्हें चालक ने अपने टेंपो पर बैठाने के लिए परेशान थे।

