नवगछिया । स्पर संख्या आठ पर रह रहे करीब 500 परिवारों को प्रशासन खाली करवा रहा है। विस्थापितों का दर्द यह कि जाएं तो कहां? यहां रह रहे काबुली पासवान ने बताया कि सही बात बोलने पर प्रशासन केस करता है। अभी बांध के कटने से एक दर्जन विस्थापित की झोपड़ी कटकर गंगा में बह गई।
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हम लोग भयभीत हैं। घटना के बाद से ही हम लोग भूखे-प्यासे हैं। कोई पूछने वाला नहीं है। हम लोग जब रहने के लिए जमीन की मांग करते हैं तो हम लोगों पर प्रशासन केस करता है। 2017 में जब हम लोगों ने अपनी मांग को रखा तो सीओ ने हम लोगों पर केस कर दिया था। विस्थापित अरुण पासवान, रामस्वरूप पासवान, पवन पासवान ने कहा कि 2009 में बिंदटोली कट कर गंगा में समा गई।
बाप-दादा की सारी जमीन नदी में विलीन हो गई। हम लोग सीओ को कहते-कहते थक गए लेकिन जमीन नहीं मिली। बोलने पर उल्टा केस-मुकदमा कर दिया। हम लोग बांध पर धूप-वर्षा में जैसे-तैसे रह रहे थे लेकिन अब वह आसरा भी छीना जा रहा है।

