नवगछिया : नवरात्रा के दूसरे दिन न्व्नवगछिया बाजार व प्रखंड के बभनगामा मातारानी मंदिर में देर शाम आरती में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रखंड अंतर्गत बभनगामा और अमरपुर गांव के सीमा पर स्थित मातारानी का इतिहास 100 वर्ष से भी अधिक पुराना है। मंदिर की स्थापना एक बंगाली परिवार के द्वारा की गई है।
उत्तरमुखी इस माता रानी के दरबार में बांग्ला वैदिक विधि से पूजा होने के बावजूद निशाबली के साथ ही अष्टमी को ही छाग बली भी प्रारंभ हो जाती थी, लेकिन करबी पचास वर्षों से बली नहीं दी जाती है। मंदिर के सेवायत सह आचार्य मोहन मिश्रा बताते हैं कि मातारानी के दरबार में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
मंदिर के पुजारी अरूण मिश्रा बताते हैं कि बंगाली परिवार द्वारा मोहन मिश्रा को सेवायत के रूप में सुपुर्द किया गया है। 30 वर्षों से हम यहां पूजा-अर्चना कर रहे हैं। बुलेट चौधरी बताते हैं कि यहां प्रत्येक वर्ष भागवत कथा सात दिवसीय किया जाता है। जिसका आज दूसरा दिन है। कथावाचक विनोद व्यास समस्तीपुर से आए हुए हैं। मौके पर मौजूद मेला अध्यक्ष मनोहर चौधरी, कोषाध्यक्ष भवतोष चौधरी समेत आजाद चौधरी, रोहित चौधरी आदि लोग मौजूद रहे।


