नवगछिया के इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध पर चल रहे कटावरोधी कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी है। उनका कहना है कि जल संसाधन विभाग के इंजीनियर की लापरवाही के कारण ठेकेदार छोटे पत्थर डाल रहा है, जो बाढ़ के समय में बांध को खतरे में डाल सकते हैं। कार्य स्थल पर ठेकेदार का मुंशी ही कार्य करवा रहा है, जिसे किसी ने नहीं देखा। पूर्व सांसद अनिल यादव और ग्रामीणों का मानना है कि इस साल भी बांध पर संकट मंडरा रहा है, और अगर गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो वे मंत्री से शिकायत करेंगे।
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सूत्रों के मुताबिक, ठेकेदार को अपराधियों द्वारा बालू उठाव को लेकर परेशान किया जा रहा है, जिसके कारण वह स्थानीय लोगों से काम करवा रहा है ताकि कार्य की गुणवत्ता पर कोई सवाल न उठे। जल संसाधन विभाग के एसडीओ अमितेश कुमार ने कहा कि छोटे बोल्डर भी काम में आ जाते हैं, और ठेकेदार को चेतावनी दी गई है। यदि गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कार्रवाई की जाएगी।
पिछले वर्ष, गंगा के जलस्तर बढ़ने पर तटबंध का हिस्सा ध्वस्त हो गया था, जिससे भारी नुकसान हुआ। इस बार कटावरोधी काम की लागत 38 करोड़ रुपये है, जो मेसर्स त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कर रहा है। अन्य कंपनियां भी तटबंध को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही हैं।.

