भागलपुर। केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है। 10 जून तक इसके भागलपुर पहुंचने की उम्मीद है। उसके बाद यहां मूसलाधार वर्षा होगी। हालांकि यह नियमित नहीं होगी। भारी वर्षा होने के बाद कुछ समय के लिए ब्रेक लग जाएगा। जलवायु परिवर्तन का असर मौसम पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। अप्रैल और मई में तापमान ज्यादा बढ़ने की वजह से मानसून आने की टाइमिंग में बदलाव आ रहा है।

कहीं बहुत तेज तो कहीं सामान्य से कम होगी वर्षा

इस बार कहीं अधिक तेज तो कुछ स्थानों पर सामान्य से काफी कम वर्षा होगी। कम समय में तेज वर्षा होने से बाढ़ की संभावना अधिक रहेगी। इसकी समयावधि में भी परिवर्तन आ सकता है। फुहारों के साथ निरंतर बरसने वाला मानसून नजर नहीं आएगा, बल्कि थोड़े समय भारी वर्षा के बाद कुछ दिन का ब्रेक लग जाएगा।

मानसून के ठहरने का समय भी अनश्चित बना हुआ है। इसका प्रभाव कृषि क्षेत्र में दिख रहा है। किसानों को मानसून की वर्षा के अनुसार ही खेती करनी होगी। साथ ही जल संसाधनों की उपलब्धता और प्रबंधन भी मानसून के नए स्वरूप को ध्यान में रखकर करना होगा।

16 वर्षों में इस बार सबसे पहले पहुंचा मानसून

मौसम विज्ञानी मौसमी कारकों के आधार पर संभावना जता रहे हैं कि भागलपुर सहित पूरे बिहार में मानसून 10 जून तक प्रवेश कर जाएगा। मानसून की पहली वर्षा 10 जून को भागलपुर में होगी। बताया गया कि समय से आठ दिन पहले यानी 23 मई को मानसून केरल पहुंच गया है।

पिछले 16 सालों में यह सबसे पहले है। इसके जल्द ही पूर्वोत्तर राज्यों तक फैलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 से 13 जून के बीच भागलपुर में मानसून जोरदार उपस्थिति दर्ज कराएगा।

अच्छी वर्षा की उम्मीद

पिछले साल मानसून 20 जून को पहुंचा था और राज्य में सामान्य से 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी। इस बार मौसम विभाग ने राज्य में सामान्य या उससे अधिक वर्षा का अनुमान लगाया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में सामान्यतया एक जून को आता रहा है। इस बार आठ दिन पहले केरल पहुंच चुका है। यह किसानों के लिए अच्छी खबर है।

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By न्यूज़ डेस्क

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