नवगछिया। रामधारी हाईस्कूल, तेतरी की शिक्षिका डॉ. अमृता ने उदयपुर में आयोजित 10 दिवसीय कल्चरल डायवर्सिटी प्रशिक्षण में भाग लिया। केंद्रीय कला एवं संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित प्रशिक्षण में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
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प्रशिक्षण का उद्देश्य भारतीय संस्कृति की विविधता को समझने के साथ लोककला, लोकसंगीत, लोकनृत्य, हस्तशिल्प, लोककथाओं और पारंपरिक ज्ञान को शिक्षा से जोड़ना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को संस्कृति आधारित शिक्षण की विभिन्न विधियों की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी गई।
डॉ. अमृता ने प्रशिक्षण के दौरान बिहार की लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं को अन्य राज्यों के शिक्षकों के साथ साझा किया। उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान की विशेषताओं की जानकारी दी।

डॉ. अमृता ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और विभिन्न गतिविधियों को विद्यालय के विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही उनमें देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति के प्रति सम्मान और समझ की भावना भी विकसित होगी।
