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अगले वित्तीय वर्ष की बिजली टैरिफ पर विद्युत विनियामक आयोग जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर चुका है. नई दर का ऐलान होली के बाद कर दिया जाएगा. नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी. बिजली दरों में पिछले तीन वर्षों से किसी तरह की वृद्धि नहीं हुई है. बिजली कंपनियों के लगातार बढ़ रहे घाटे एवं अगले वित्तीय वर्ष के लिए मांग आधारित टैरिफ की ओर बढऩे के कारण इस बार बिजली दरों में वृद्धि तय मानी जा रही है.

पिछले साल आयोग ने 21 मार्च को अपना निर्णय सुनाया था. मगर इस बार स्थितियां कुछ भिन्न हैं. आयोग को पहले अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (एपटेल) के निर्देश पर अमल करते हुए चालू वित्तीय वर्ष की टैरिफ पर निर्णय सुनाना है. उसके बाद अगले वित्तीय वर्ष की टैरिफ का एलान करना है.
पिछले साल बिजली दरों में किसी तरह की वृद्धि नहीं की गई थी. बिजली कंपनियां ने इस निर्णय के खिलाफ एपटेल का दरवाजा खटखटाया था. एपटेल ने आयोग के आदेश को खारिज करते हुए फिर से विचार करने का निर्देश दिया था. आयोग ने उसकी भी सुनवाई पूरी कर ली है. सबसे पहले चालू

कंपनी के प्रस्ताव के मुताबिक अगले वित्तीय वर्ष के लिए बिजली दरों के विभिन्न श्रेणियों में 6.97 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 9.50 रुपये प्रति यूनिट होने की संभावना है. चालू दरों की तुलना में यह करीब 20 से 30 फीसद अधिक है. चालू वर्ष में यह दर विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 7.50 रुपये प्रति यूनिट तक है. दरों में वृद्धि के प्रस्ताव के पीछे बिजली कंपनी का तर्क है तीन वर्षों से दरें स्थिर हैं, जबकि कंपनी का खर्च बढ़कर 3,712 करोड़ रुपये हो गया और अन्य मद में खर्च 593 करोड़ रुपये है. इस वजह से कंपनी को फाइनेंशियल क्रंच का सामना करना पड़ रहा है. बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग के सचिव परमानंद सिंह कहते हैं कि जनसुनवाई के बाद सभी पक्षों पर विचार किया जा रहा है. इस बार काम अधिक है. फिर भी कोशिश है कि होली बाद इसपर फैसला सुना दिया जाए

By न्यूज़ डेस्क

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