नवगछिया में परशुराम जयंती पर भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा द्वारा मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक से हुई, जिसमें भगवान शिव और भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई। इसके बाद परशुराम चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया।
भजन-कीर्तन और हवन-पूजन में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मंदिर परिसर भक्ति गीतों और जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, पराक्रम, तपस्या और धर्म रक्षा के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें न्याय और संस्कारों का प्रेरणास्रोत बताया।
इस अवसर पर संत सियावल्लभ जी महाराज का विशेष सम्मान किया गया। अपने प्रवचन में उन्होंने सनातन धर्म, सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों पर बल देते हुए युवाओं से भारतीय संस्कृति को अपनाने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

