भागलपुर के बरारी गंगा घाट से शनिवार सुबह एक युवक का शव बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि युवक ने 21 मई को चलती नाव से गंगा नदी में छलांग लगा दी थी, जिसके बाद से उसकी लगातार तलाश की जा रही थी।
शनिवार सुबह नाविक लाल बहादुर मंडल की नजर नदी में तैरते शव पर पड़ी। सूचना मिलते ही सबसे पहले आपदा मित्र अमित कुमार मौके पर पहुंचे और प्रशासन को जानकारी दी गई। इसके बाद आपदा मित्र तुलसी यादव, सनोज कुमार और एसडीआरएफ टीम की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया।
करीब आधे घंटे बाद बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

प्रत्यक्षदर्शी अंकित कुमार पासवान ने बताया कि युवक गुरुवार सुबह करीब 10 बजे बरारी घाट पहुंचा था। घाट पर खड़ी नावों के बीच वह एक नाव से दूसरी नाव पर जा रहा था और उसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं। लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की और पूछा कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। इस पर युवक ने कहा कि वह मरना चाहता है। इसके तुरंत बाद उसने गंगा नदी में छलांग लगा दी।
गौरतलब है कि भागलपुर और सीमांचल को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 का स्लैब टूटने के बाद सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित है। ऐसे में लोगों के आने-जाने का मुख्य सहारा नाव बन गया है। बड़ी संख्या में लोग रोजाना नाव के जरिए भागलपुर से नवगछिया और नवगछिया से भागलपुर यात्रा करते हैं।

