नवगछिया । नवगछिया में पिछले दो दिनों से जारी तेज हवा, बारिश और मौसम के अचानक बदले मिजाज ने केला किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आंधी-तूफान के कारण कई क्षेत्रों में केले के पौधे गिर गए हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
केले की खेती के लिए प्रसिद्ध नवगछिया क्षेत्र में कई खेतों में फल लगे पौधे भी तेज हवा की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे किसानों को फसल उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका सता रही है।
तेलघी के किसान शैलेश, गोपालपुर के विकास कुमार सिंह और खरीक के तुलसीपुर निवासी सज्जन भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने खाद, सिंचाई और मजदूरी पर हजारों रुपये खर्च कर केले की खेती की थी। लेकिन खराब मौसम के कारण फसल को हुए नुकसान से अब लागत निकालना भी मुश्किल नजर आ रहा है।

किसानों का कहना है कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन आंधी और बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में कई जगह पौधे गिरने से उत्पादन प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तेज हवा और जलजमाव केले की फसल के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होते हैं। उन्होंने किसानों को खेतों से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने तथा पौधों को सहारा देकर सुरक्षित रखने की सलाह दी है।
लगातार बिगड़ते मौसम से क्षेत्र के केला किसान चिंतित हैं और प्रशासन से फसल क्षति का आकलन कर सहायता देने की मांग कर रहे हैं।

