नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। यह कार्रवाई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच हुई है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सीबीएसई ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपेगी।
बताया जा रहा है कि बोर्ड के नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम और री-इवैल्यूएशन पोर्टल में सामने आई तकनीकी खामियों के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए इस कार्रवाई को सीबीएसई के इतिहास की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
इसी बीच सीबीएसई ने छात्रों के लिए ऑनलाइन री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियों में त्रुटियों के सत्यापन हेतु पोर्टल शुरू कर दिया है। यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों के लिए उपलब्ध होगी जिन्होंने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त कर ली हैं।

बोर्ड के अनुसार, आवेदन पोर्टल 2 जून 2026 से 6 जून 2026 की मध्यरात्रि तक खुला रहेगा। निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार का ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्रों को आधार नंबर के माध्यम से लॉगिन कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन से लेकर शुल्क भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी।
छात्र उत्तर पुस्तिका से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इनमें उत्तर पुस्तिका के पन्ने गायब होना, अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका का अभाव, मानचित्र या ग्राफ का गायब होना, धुंधले पन्ने तथा गलत उत्तर पुस्तिका या गलत प्रश्नपत्र सेट पर मूल्यांकन जैसी समस्याएं शामिल हैं।
सीबीएसई ने शुल्क भी निर्धारित किया है। उत्तर पुस्तिका की स्कैन प्रति में त्रुटियों के सत्यापन के लिए 100 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका शुल्क देना होगा, जबकि उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क निर्धारित किया गया है। भुगतान केवल यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड अथवा इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा।
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन जमा करने से पहले सभी विषयों से संबंधित अनुरोधों को एक साथ शामिल कर लें। एक बार ‘फ्रीज एंड प्रोसीड टू पेमेंट’ विकल्प चुनने के बाद आवेदन लॉक हो जाएगा और उसमें किसी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि छात्र एक विषय या एक साथ कई विषयों के लिए केवल एक ही आवेदन कर सकते हैं।

