भागलपुर-नवगछिया को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर मंगलवार शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। पुल पर पुलिसकर्मियों के लिए बनाए गए अस्थायी शेड के गिरने से बिहपुर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव निवासी 38 वर्षीय विनय कुमार ईश्वर की मौत हो गई, जबकि उनका 13 वर्षीय पुत्र लक्की कुमार घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, विनय कुमार ईश्वर प्रतिदिन दूध बेचने के लिए भागलपुर आते थे। गांव में चार दिन बाद होने वाली शादी की खरीदारी के लिए मंगलवार को वे अपने पुत्र लक्की के साथ शहर आए थे। खरीदारी के बाद दोनों मोटरसाइकिल से वापस गांव लौट रहे थे। इसी दौरान विक्रमशिला सेतु पर चढ़ते ही मौसम अचानक खराब हो गया और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई।
बारिश और तेज हवा से बचने के लिए पिता-पुत्र पुल पर बने एक अस्थायी शेड के नीचे रुक गए। उस समय वहां पहले से चार अन्य लोग भी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर बाद तेज बवंडर आया और पूरा शेड अचानक भरभराकर गिर पड़ा।

हादसे में शेड का ऊपरी हिस्सा सीधे विनय कुमार के सिर पर आ गिरा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें मलबे से बाहर निकाला। उस समय उनकी सांसें चल रही थीं, लेकिन खराब मौसम और यातायात की समस्या के कारण तुरंत एंबुलेंस या अन्य वाहन उपलब्ध नहीं हो सका।
करीब एक घंटे बाद वाहन की व्यवस्था होने पर उन्हें जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घायल लक्की कुमार ने बताया कि शेड के भीतर इन्वर्टर और बैटरी भी रखी हुई थी। शेड गिरने के बाद उसे करंट लगने जैसा महसूस हुआ और उसके पैर में भी चोट आई। फिलहाल उसका उपचार किया गया है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही सोनवर्षा गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मायागंज अस्पताल पहुंच गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया जा रहा है कि परिवार में कुछ दिनों बाद शादी का कार्यक्रम था, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर बरारी कैंप थाना पुलिस ने रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों ने सवाल उठाया कि यात्रियों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की सुविधा के लिए बनाए गए शेड यदि मजबूत और सुरक्षित होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने तथा पुल पर बने अस्थायी ढांचों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लापरवाही और कमजोर निर्माण के कारण एक परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया।

