भागलपुर जिले के प्रखंडों में हाल ही में शुरू किए गए राजकीय डिग्री कॉलेजों में अब बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आने लगी है। इस्माइलपुर राजकीय डिग्री कॉलेज में संसाधनों के अभाव के कारण शिक्षकों और छात्रों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कॉलेज का संचालन फिलहाल केवल तीन कमरों में किया जा रहा है। यहां छात्रों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच-डेस्क उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा पीने के पानी की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। शौचालयों में पानी की सुविधा नहीं होने और नियमित साफ-सफाई के अभाव से स्थिति और अधिक खराब हो गई है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि कॉलेज की कक्षाएं उसी भवन में संचालित हो रही हैं, जहां कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की भी पढ़ाई होती है। ऐसे में सीमित संसाधनों के बीच दोनों संस्थानों का संचालन करना चुनौती बन गया है।

कॉलेज के प्राचार्य मोहम्मद आबिद अंसारी ने बताया कि पीने के पानी और शौचालय की खराब व्यवस्था से शिक्षक भी असुविधा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की जाएगी।
दरअसल, राज्य सरकार ने भागलपुर जिले के छह प्रखंडों में नए राजकीय डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की है। इनमें से अधिकांश कॉलेज फिलहाल पहले से मौजूद सरकारी भवनों में संचालित किए जा रहे हैं, जहां आवश्यक संसाधनों का अभाव बना हुआ है।
अभी प्रथम मेरिट सूची के आधार पर नामांकित छात्र ही कक्षाओं में पहुंच रहे हैं, इसलिए किसी तरह शैक्षणिक गतिविधियां चल रही हैं। लेकिन आने वाले दिनों में छात्र संख्या बढ़ने के साथ कक्षाओं, फर्नीचर, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी और गंभीर रूप ले सकती है।
गोराडीह राजकीय डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एस.डी. झा ने भी बताया कि उनके कॉलेज में भी लगभग ऐसी ही स्थिति है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कम छात्र संख्या के कारण किसी तरह पढ़ाई कराई जा रही है, लेकिन भविष्य को देखते हुए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। जिले के अन्य नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों ने भी बुनियादी सुविधाओं की कमी की पुष्टि की है।

