भागलपुर: ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और गांवों तक गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुधा और जीविका की ओर से नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत भागलपुर जिले की प्रत्येक पंचायत में जीविका–सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का संचालन जीविका स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाएं करेंगी।
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जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) सुनिर्मल गरेन ने बताया कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही गांवों में सुधा के दूध एवं अन्य डेयरी उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
योजना के तहत चयनित महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा लाभार्थी महिला को 15 हजार रुपये का स्वयं अंशदान करना होगा। इस प्रकार कुल 75 हजार रुपये की पूंजी से डीप फ्रीजर, विजी कूलर, परिवहन व्यवस्था तथा डेयरी उत्पादों की खरीद सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।

आवेदन के लिए पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक महिला का जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना आवश्यक है। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में स्वयं की या किराये की दुकान होनी चाहिए। दुकान का न्यूनतम क्षेत्रफल 70 वर्ग फुट होना चाहिए तथा वहां बिजली और सड़क संपर्क की समुचित व्यवस्था होना अनिवार्य है।
संकुल स्तरीय संघ करेगा चयन
प्रत्येक पंचायत में इच्छुक महिलाओं से आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद संबंधित जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ (CLF) निर्धारित मानकों के आधार पर पात्र महिला का चयन करेगा।
जीविका से जुड़ी महिलाएं पहले से ही बड़े स्तर पर दुग्ध उत्पादन और गाय पालन का कार्य कर रही हैं तथा सुधा डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से दूध का विपणन करती हैं। अब पंचायत स्तर पर बिक्री केंद्र खुलने से डेयरी उत्पादों की बिक्री को और मजबूती मिलेगी तथा महिलाओं की आय में वृद्धि होगी।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, महिला सशक्तीकरण को प्रोत्साहित करने और गांवों में गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
