नवगछिया: बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कार्यालय, नवगछिया की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध के पास गंगा नदी का जलस्तर 32 सेंटीमीटर और मदरौनी में कोसी नदी का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ने के बाद जल संसाधन विभाग ने सभी संवेदनशील तटबंधों और कटाव-रोधी स्थलों पर निगरानी तेज कर दी है।
गंगा का जलस्तर सामान्य से 3.22 मीटर ऊपर
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर गंगा नदी का वर्तमान जलस्तर 27.22 मीटर दर्ज किया गया है, जो इसके न्यूनतम जलस्तर 24.00 मीटर से 3.22 मीटर अधिक है।
विभाग के मुताबिक इस स्थान पर 30.60 मीटर वार्निंग लेवल और 31.60 मीटर खतरे का निशान निर्धारित है। वहीं, यहां अब तक का सर्वाधिक जलस्तर 33.50 मीटर रिकॉर्ड किया जा चुका है। फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर पर विभाग की पैनी नजर बनी हुई है।

कोसी नदी में भी 30 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी
मदरौनी में कोसी नदी ने भी पिछले 24 घंटों के दौरान 30 सेंटीमीटर की छलांग लगाई है। वर्तमान में नदी का जलस्तर 27.95 मीटर दर्ज किया गया है। जलस्तर बढ़ने से दियारा क्षेत्र और निचले इलाकों के खेतों में पानी फैलना शुरू हो गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है और फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने इस्माईलपुर-बिंद टोली फ्लड फाइटिंग सुरक्षात्मक बांध सहित सभी संवेदनशील स्परों और तटबंधों पर अभियंताओं की विशेष टीम तैनात कर दी है। विभागीय अधिकारी लगातार गश्ती कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी रखी गई है।
कार्यपालक अभियंता ने क्या कहा?
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया के कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि नेपाल और ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा और कोसी दोनों नदियों के डिस्चार्ज में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील तटबंधों एवं स्परों पर कनीय और सहायक अभियंताओं की टीम 24 घंटे कैंप कर निगरानी कर रही है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में बोल्डर और सैंडबैग भी तैयार रखे गए हैं।
