नवगछिया : अंग प्रदेश की लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के सबसे बड़े पर्व बिहुला-विषहरी महोत्सव की तैयारियां नवगछिया में शुरू हो गई हैं। गुरुवार को बिहुला चौक स्थित मनसा विषहरी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ एक माह तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ किया गया। इस वर्ष पूजा समिति ने “हर घर एक दीप माता बिहुला के नाम” अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत 17 अगस्त की शाम हर घर में माता बिहुला के सम्मान में दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील की जाएगी।
पूजा समिति के अनुसार इस वर्ष सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग 17 अगस्त को बन रहा है। माता विषहरी की आराधना के लिए इस संयोग को अत्यंत शुभ माना जा रहा है, जिससे महोत्सव का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है।
एक माह तक गूंजेंगे बिहुला के लोकगीत
पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि अब पूरे एक माह तक मनसा विषहरी मंदिर परिसर में प्रतिदिन पारंपरिक बिहुला गीतों का आयोजन होगा। इन लोकगीतों के माध्यम से बिहुला-लखेंद्र की अमर गाथा और अंग प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है।

16 से 18 अगस्त तक होंगे मुख्य कार्यक्रम
पूजा समिति के सदस्य विमल किशोर पोद्दार ने बताया कि 16 अगस्त की रात मड़वा पूजन के साथ मुख्य अनुष्ठान की शुरुआत होगी। 17 अगस्त की सुबह प्रतिमा पूजन एवं विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शाम में भागलपुर के कलाकारों द्वारा बिहुला-विषहरी की भव्य झांकी निकाली जाएगी। इसके बाद बाला लखेंद्र की बारात और रात्रि में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बिहुला-बाला लखेंद्र विवाहोत्सव का आयोजन होगा। 18 अगस्त की शाम प्रतिमा विसर्जन के साथ दो दिवसीय मुख्य समारोह का समापन किया जाएगा।
‘हर घर एक दीप’ अभियान से जुड़ेगा पूरा शहर
इस बार पूजा समिति धार्मिक आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप देने की तैयारी में है। समिति के सदस्य और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे, ताकि 17 अगस्त की शाम प्रत्येक घर में माता बिहुला के नाम एक दीप प्रज्ज्वलित किया जा सके। साथ ही शहर के प्रमुख चौक-चौराहों को रंगोलियों और आकर्षक सजावट से सजाया जाएगा।
बिहुला-विषहरी के सेवक मुकेश राणा ने बताया कि नाग पंचमी और सोमवारी का यह दुर्लभ संयोग इस वर्ष के महोत्सव को विशेष बना रहा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से महोत्सव में शामिल होने और “हर घर एक दीप माता बिहुला के नाम” अभियान को सफल बनाने की अपील की।
