डीएम-एसएसपी की संयुक्त प्रेस वार्ता, सीसीटीवी और वीडियो फुटेज से हो रही पहचान
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भागलपुर: तिलकामांझी चौक पर शनिवार को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पथराव के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के काफिले पर पथराव किया गया। साथ ही पुलिस के कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
घटना के बाद जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर स्पष्ट किया कि प्रदर्शन की आड़ में अराजकता फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान के लिए विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर भी घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि अब तक 20 संदिग्ध सामाजिक तत्वों को हिरासत में लिया गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है और जांच के आधार पर अन्य आरोपितों की भी पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी वाहनों और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई दोषियों से कराई जाएगी। इसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दुस्साहस न कर सके।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर दोषियों की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के प्रति प्रशासन किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों से दूर रहने तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
