भागलपुर: नीट पेपर लीक के विरोध में बिहार बंद के दौरान तिलकामांझी चौक पर हुए प्रदर्शन और उपद्रव मामले में पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। कोर्ट में पेशी के बाद 28 आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि 14 नाबालिगों को जुवेनाइल कोर्ट के आदेश पर ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया।
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28 आरोपित न्यायिक हिरासत में भेजे गए
पुलिस के अनुसार, आरोपितों की संख्या अधिक होने के कारण रिमांड की प्रक्रिया रविवार देर रात तक चली। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर कुल 28 आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इनमें कपिलदेव कुमार, मो. मेजान, मो. हसन, मो. जायद आलम, शशि कुमार, मो. मिट्ठू, मो. जावेद, मो. प्रिंस, मो. शाहनवाज, मो. सलीम, मो. इरफान गनी, शिवम कुमार, आरशी अंसारी, मो. जीशान, मो. तबरेज, रोहित कुमार, मो. फैज, मो. फिरदौश, आयुष कुमार, सौरभ कुमार, सृजन कुमार, देवजीत कुमार, विकास राय, संजीत राय, गौरव कुमार, कारगिल कुमार और मो. काजिम शामिल हैं।
नाबालिगों को हथकड़ी लगाने पर अदालत ने जताई नाराजगी
मामले में संरक्षण में लिए गए 14 नाबालिगों को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि नाबालिगों को हथकड़ी लगाकर प्रस्तुत किया गया था। इस पर सीजेएम के प्रभारी प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने गंभीर आपत्ति जताते हुए तिलकामांझी थाना प्रभारी और मामले के अनुसंधानकर्ता को शो-कॉज नोटिस जारी किया।

अदालत ने मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण
न्यायालय ने अपने आदेश में पूछा है कि नाबालिगों को किन परिस्थितियों में हथकड़ी लगाई गई। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय को प्राप्त स्पष्टीकरण के आधार पर की जाएगी।
अन्य आरोपितों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे भी विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।
