छठ महापर्व के बाद नवंबर में बेली ब्रिज हटाने का आग्रह, सितंबर से नवंबर तक पुल बंद होने पर लाखों लोगों को होगी परेशानी
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भागलपुर:
विक्रमशिला सेतु पर प्रस्तावित स्थायी निर्माण कार्य को लेकर खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की समय-सीमा पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। सांसद ने जनहित का हवाला देते हुए बेली ब्रिज को एक सितंबर से हटाने के प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर छठ महापर्व के बाद नवंबर में निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और अररिया समेत कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा है। ऐसे में सितंबर से नवंबर के बीच पुल पर आवागमन प्रभावित होने से आम लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इस अवधि में गंगा नदी का जलस्तर सामान्यतः ऊंचा रहता है। यदि बेली ब्रिज हटाकर निर्माण कार्य शुरू किया जाता है, तो लोगों को नदी पार करने के लिए नाव जैसे जोखिमपूर्ण साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे जान-माल की सुरक्षा पर खतरा बढ़ जाएगा।
सांसद राजेश वर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि सितंबर से नवंबर के बीच दुर्गा पूजा, दीपावली, भाईदूज और छठ महापर्व जैसे प्रमुख त्योहार पड़ते हैं। इन अवसरों पर लाखों लोगों की आवाजाही होती है। यदि इस दौरान पुल पर यातायात बाधित रहा, तो आम नागरिकों के अलावा मरीजों, विद्यार्थियों, किसानों और व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी निर्माण कार्य के लिए बेली ब्रिज को छठ महापर्व के बाद नवंबर में हटाया जाए। उनका मानना है कि उस समय गंगा का जलस्तर भी कम रहेगा, जिससे लोगों को कम असुविधा होगी और निर्माण कार्य अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
