मुजफ्फरपुर/भागलपुर: भाई की डांट से नाराज होकर घर से निकली 12वीं की एक छात्रा अगले 85 दिनों तक मानव तस्करों के चंगुल में फंसी रही। इस दौरान उसे पहले कोलकाता और फिर भागलपुर के रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया, जहां उसके साथ मारपीट, यातना और यौन शोषण किया गया। तीसरी बार बेचे जाने से पहले मुजफ्फरपुर पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर उसे सुरक्षित मुक्त करा लिया।
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पुलिस के अनुसार गायघाट थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा 10 मई को घर छोड़कर चली गई थी। 12 मई को उसके भाई ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई। शुरुआती जांच में एक युवक पर संदेह किया गया, लेकिन जांच में उसकी संलिप्तता नहीं मिली।
रेस्क्यू के बाद छात्रा ने बताया कि वह मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अकेली बैठी रो रही थी। इसी दौरान एक युवक ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ कोलकाता ले गया, जहां उसे रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया।

पीड़िता के मुताबिक विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, कई दिनों तक भूखा रखा गया और नशीला पदार्थ देकर लगातार यौन शोषण किया गया। करीब एक महीने बाद उसे दोबारा भागलपुर जिले के ईशीपुर बराहट थाना क्षेत्र के सिवानपुर स्थित रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया, जहां अत्याचार का सिलसिला जारी रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। जांच अधिकारी पूजा कुमारी ने लगातार विभिन्न जिलों में छापेमारी की और गुप्त सूचनाओं के आधार पर छात्रा की तलाश जारी रखी।
दो दिन पहले सूचना मिली कि छात्रा भागलपुर के सिवानपुर स्थित एक मकान में कैद है। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की रेकी कर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मानव तस्करों ने पुलिस का विरोध किया और धक्का-मुक्की की। स्थिति बिगड़ने पर महिला जांच अधिकारी को आत्मरक्षा में अपनी सर्विस पिस्टल निकालनी पड़ी।
करीब 52 मिनट तक चले अभियान के बाद पुलिस ने छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसी दौरान वहां कैद नालंदा की एक किशोरी को भी मुक्त कराया गया, जिसने पुलिस से बचाने की गुहार लगाई थी।
रेस्क्यू के बाद दोनों लड़कियों को मुजफ्फरपुर लाया गया। छात्रा का न्यायालय में बयान दर्ज कराया गया, जिसमें उसने अपनी बड़ी बहन के साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं दूसरी किशोरी के संबंध में नालंदा पुलिस को सूचना दे दी गई है।
एसडीपीओ पूर्वी-1 अलय वत्स ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी। अब मानव तस्करी से जुड़े पूरे गिरोह की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
