अजीत डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’ बताकर करता था ठगी

खगड़िया। खगड़िया पुलिस ने एक ऐसे कथित फर्जी IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का ‘अंडरकवर एजेंट’ बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता और ठगी करता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष कुमार गुप्ता उर्फ चिक्कू के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से खुद को IAS अधिकारी बताकर बिहार के अलग-अलग जिलों में लोगों को प्रभावित करता था। वह अपनी निजी गाड़ियों पर ‘IAS’ और ‘Government of India’ जैसे बोर्ड लगाकर चलता था।

साढ़े सात घंटे तक चली छापेमारी

जिला अपराध इकाई (DIU) और गोगरी पुलिस की संयुक्त टीम ने गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार स्थित आरोपी के ठिकाने पर शनिवार को छापेमारी की। पुलिस की कार्रवाई दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुई और रात लगभग 8:30 बजे तक चली।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से कई महत्वपूर्ण सामान और दस्तावेज बरामद किए। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने की जानकारी मिली है। बिहार के अलावा दूसरे राज्यों और विदेशों में भी उसकी संपत्ति होने की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है।

दो लग्जरी गाड़ियां जब्त

पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से दो महंगी गाड़ियां भी जब्त की हैं। इनमें Tesla Model Y और Safari शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों वाहनों पर ‘Government of India’ लिखा हुआ था। वाहनों के दस्तावेज और उन पर लगाए गए सरकारी पहचान संबंधी बोर्ड की वैधता की जांच की जा रही है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को उसकी Tesla कार से थाने ले जाने की बात भी सामने आई है।

घर से विदेशी शराब और कई दस्तावेज बरामद

पुलिस के अनुसार, आरोपी के घर से करीब 31 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई है। बरामद शराब में अलग-अलग ब्रांड शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इनमें एक बोतल की कीमत एक लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

इसके अलावा घर से हिरण और बारहसिंगा के सींग, Apple के पांच मोबाइल फोन, 20 क्रेडिट कार्ड, 8 डेबिट कार्ड, चार चेकबुक और कई अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

खुद को अजीत डोभाल का एजेंट बताता था

खगड़िया के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह के अनुसार, मनीष कुमार गुप्ता खुद को NSA अजीत डोभाल का ‘कवर एजेंट’ बताता था। पुलिस का कहना है कि वह इस पहचान का इस्तेमाल लोगों को प्रभावित करने, डर पैदा करने और अपना अवैध प्रभाव कायम करने के लिए करता था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी करीब 10 वर्षों से ठगी और फर्जी पहचान के जरिए लोगों को प्रभावित करने का काम कर रहा था। अब तक उसने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितनी रकम की ठगी की, इसकी जांच की जा रही है।

घर के चारों तरफ लगाए थे करीब 100 कैमरे

पुलिस के अनुसार, मनीष कुमार गुप्ता अपने घर में अकेले रहता था। उसने अपने घर के आसपास करीब 100 CCTV कैमरे लगवा रखे थे। इन कैमरों के जरिए वह घर के आसपास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखता था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी बहुत कम घर से बाहर निकलता था और आसपास के लोगों से भी सीमित संपर्क रखता था।

एक महीने पहले दिल्ली से आया था खगड़िया

जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार गुप्ता करीब एक महीने पहले दिल्ली से खगड़िया आया था। उसके पिता स्व. परमेश्वर गुप्ता खगड़िया के केडीएस कॉलेज में हिंदी के प्रोफेसर थे।

मनीष छह भाइयों में सबसे छोटा बताया जा रहा है। उसका बड़ा भाई संजय कुमार गुप्ता दिल्ली में प्रोफेसर है, जबकि डंपी कुमार कनाडा में रहता है। अन्य भाइयों के संबंध में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसकी संपत्ति, बैंक खातों, वाहनों, दस्तावेजों तथा कथित ठगी के नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसने फर्जी IAS अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल कर अब तक किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया।

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By न्यूज़ डेस्क

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