बिहपुर। प्रखंड के बड़ी भगवती स्थान सोनवर्षा में नागपंचमी के अवसर पर 17 अगस्त को होने वाले पूजा-अर्चना और मेले की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ 24 घंटे का अखंड रामधुन भी आयोजित किया जाएगा। मेले को लेकर मंदिर समिति और ग्रामीण तैयारियों में जुट गए हैं।
Total Downloads: 105
मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय कुंवर ने बताया कि 15 अगस्त से मंदिर परिसर में अखंड रामधुन का शुभारंभ होगा। वहीं, पाठा बलि और मुंडन संस्कार के लिए 16 अगस्त की शाम चार बजे से रसीद काटने का काम शुरू किया जाएगा। फुलायस के लिए रसीद 17 अगस्त की सुबह पांच बजे से मंदिर परिसर में काटी जाएगी।
नागपंचमी के दिन मंदिर में पूजा-अर्चना, फुलायस, बलि और मुंडन संस्कार समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार संपन्न होंगे। प्रधान पुजारी राधाकांत झा और आचार्य राजेश उर्फ कारकुन चौधरी विधि-विधान से पूजा संपन्न कराएंगे।

मेले को सफल बनाने के लिए मंदिर समिति के उपाध्यक्ष चंद्रकांत चौधरी, सचिव पवन चौधरी, उपसचिव राजीव कुमार, कोषाध्यक्ष गौरव कुमार और उपसचिव राजेश कुमार समेत अन्य सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हैं।
सर्पदंश से मुक्ति की आस्था
बड़ी भगवती स्थान सोनवर्षा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। मान्यता है कि मंदिर परिसर में स्थित नीम के पेड़ के नीचे अद्भुत शक्ति है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सर्पदंश से पीड़ित लोग यहां आस्था के साथ पहुंचते हैं और लाभ मिलने की मान्यता है। इसी आस्था के कारण नागपंचमी के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
आम बैठक में तय होगी व्यवस्था
मेले की तैयारियों को लेकर समिति और ग्रामीण सक्रिय हैं। जीवन चौधरी ने बताया कि जल्द ही आम बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में मंदिर और मेला परिसर की रोशनी, साफ-सफाई, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और शांति व्यवस्था समेत अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
