नवगछिया। अनुमंडल क्षेत्र में गंगा और कोसी नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार सुबह छह बजे की जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंदटोली, काजीकोरैया-राघोपुर, मदरौनी और जेबी चोरहर में कई जगह नदी का पानी तटबंध के टो तक पहुंच गया है। जल संसाधन विभाग ने फिलहाल सभी तटबंधों को सुरक्षित बताया है, लेकिन तेजी से बढ़ रहे जलस्तर को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची गंगा
इस्माईलपुर-बिंदटोली के स्पर संख्या-7 के पास गंगा का जलस्तर मंगलवार सुबह 32.03 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 31.60 मीटर से 43 सेंटीमीटर ऊपर है। पिछले 24 घंटे में यहां गंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते पानी के कारण तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
काजीकोरैया-राघोपुर में तटबंध के टो तक पहुंचा पानी
काजीकोरैया-राघोपुर में गंगा का जलस्तर बढ़कर 32.92 मीटर हो गया है। यह चेतावनी स्तर से 24 सेंटीमीटर ऊपर बताया गया है। पिछले 24 घंटे में यहां पांच सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। नदी का पानी तटबंध के टो तक पहुंचने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।

क्षतिग्रस्त तटबंध के बाद यहां रिंग बांध का निर्माण कार्य भी जारी है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बीच ग्रामीण निर्माणाधीन रिंग बांध की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित हैं।
मदरौनी में खतरे के निशान के करीब कोसी
मदरौनी में कोसी नदी का जलस्तर 31.03 मीटर दर्ज किया गया है। यह खतरे के निशान से महज 45 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर में 18 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। पानी बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीण लगातार नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं, जेबी चोरहर में भी कोसी का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़कर 31.25 मीटर पर पहुंच गया है। कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंध के टो को छू रहा है, जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका और बढ़ गई है।
तटबंधों की निगरानी बढ़ी
जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार, फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही है।
हालांकि, गंगा और कोसी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। लोगों की नजर अब नदी के जलस्तर के साथ-साथ काजीकोरैया-राघोपुर में चल रहे रिंग बांध निर्माण की स्थिति पर टिकी हुई है।
