नवगछिया। खरीक प्रखंड की राघोपुर पंचायत में बुधवार, 26 अगस्त को गंगा की तेज धारा के बीच बड़ा नाव हादसा हो गया। काजीकोरैया-राघोपुर जमींदारी तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्य में लगी जल संसाधन विभाग की नाव अचानक अनियंत्रित होकर बीच गंगा में पलट गई। हादसे के वक्त नाव पर 21 मजदूर सवार थे। नाव पलटते ही मजदूर तेज धार में बहने लगे।
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हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। प्रशासन के अनुसार, 19 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि दो मजदूर अभी भी लापता हैं। दोनों की तलाश में नदी में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है।
बादल और सिकंदर मंडल अब भी लापता
जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार लापता मजदूरों की पहचान:

- बादल मंडल (32 वर्ष), पिता सिकंदर मंडल, निवासी लोदीपुर, थाना खरीक।
- सिकंदर मंडल (55 वर्ष), पिता स्वर्गीय योगेश्वर मंडल, निवासी सिमरिया, थाना रंगरा।
प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम दोनों मजदूरों की तलाश में लगातार अभियान चला रही है।
तटबंध बचाने के लिए चल रहा था फ्लड फाइटिंग कार्य
राघोपुर पंचायत बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेष कुमार उर्फ बुलो मंडल का पैतृक गांव है। पिछले कई दिनों से काजीकोरैया-राघोपुर जमींदारी तटबंध पर गंगा की मुख्य धारा का भारी दबाव बना हुआ है। तटबंध को कटाव और संभावित टूटने से बचाने के लिए जल संसाधन विभाग के निर्देश पर संवेदक राजकुमार सिंह द्वारा बड़े पैमाने पर फ्लड फाइटिंग का काम कराया जा रहा था।
इसी कार्य के लिए सामग्री और मजदूरों को लेकर नाव गंगा में जा रही थी। इसी दौरान तेज बहाव के बीच नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाव पर घोघा, इस्माइलपुर, परबत्ता, लोदीपुर और रंगरा क्षेत्र के मजदूर सवार थे।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
नाव पलटते ही मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। तेज बहाव के बीच कई मजदूरों ने तैरकर अपनी जान बचाने का प्रयास किया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में तेज धारा के बीच नाव के पलटने और मजदूरों के जान बचाने की कोशिश करते हुए दृश्य दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
प्रशासन की निगरानी में सर्च ऑपरेशन
जिला जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, 19 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है और लापता दोनों मजदूरों की तलाश प्राथमिकता के आधार पर जारी है। वरीय प्रशासनिक अधिकारियों और जल संसाधन विभाग की तकनीकी टीम द्वारा बचाव अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है।
गंगा में तेज बहाव और तटबंध पर लगातार बने दबाव के बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर फ्लड फाइटिंग कार्य में लगे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
