नवगछिया। नवगछिया अनुमंडल के गोपालपुर प्रखंड की जीवनरेखा माने जाने वाले संवेदनशील ब्रह्मोत्तर बांध पर गंगा के रौद्र रूप ने संकट गहरा दिया है। रविवार देर रात से बांध के कई संवेदनशील हिस्सों पर बाढ़ का पानी ऊपर से बहने लगा। पानी का दबाव लगातार बढ़ने के साथ ही प्रखंड मुख्यालय की ओर पानी तेजी से बढ़ने लगा, जिससे आसपास के गांवों में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोमवार सुबह नवगछिया एसडीएम, अंचलाधिकारी और जल संसाधन विभाग के तकनीकी अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ महंथ बाबा स्थान पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तत्काल फ्लड फाइटिंग अभियान शुरू कराया।
महंथ बाबा स्थान के पास बढ़ा दबाव, तीन नावों से फ्लड फाइटिंग
गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण महंथ बाबा स्थान के समीप ब्रह्मोत्तर बांध पर पानी का दबाव काफी बढ़ गया। पानी के तेज बहाव को देखते हुए एसडीएम ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को युद्धस्तर पर बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया।

इसके बाद विभाग ने तीन नावों के जरिए सैंड बैग और बोल्डर संवेदनशील स्थानों तक पहुंचाना शुरू किया। रिसाव और ओवरफ्लो को नियंत्रित करने के लिए मजदूरों और तकनीकी टीम को लगाया गया है।
जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता ई. नयन कुमार ने बताया कि पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने के लिए उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। विभाग की टीम लगातार मौके पर काम कर रही है और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है।
प्रखंड मुख्यालय की ओर बढ़ रहा पानी
ब्रह्मोत्तर बांध के ऊपर से पानी बहने के बाद अब आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। पानी का रुख गोपालपुर प्रखंड सह अंचल मुख्यालय की ओर बताया जा रहा है।
यदि बांध पर ओवरफ्लो को समय रहते पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया गया, तो दर्जनों गांवों की मुख्य सड़कों और रिहायशी इलाकों में पानी प्रवेश कर सकता है। इससे बड़े पैमाने पर लोगों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
सैदपुर-पचगछिया से पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण, प्रशासन पर भड़के
बांध के ऊपर से पानी बहने की सूचना मिलते ही सैदपुर, पचगछिया और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण महंथ बाबा स्थान पहुंच गए। ग्रामीणों में बांध की सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश और चिंता देखी गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के बावजूद बांध के संवेदनशील हिस्सों की समय रहते पर्याप्त निगरानी और मजबूती नहीं की गई। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते बांध को ऊंचा और मजबूत किया जाता तो आज आसपास के सैकड़ों परिवारों के सामने विस्थापन का खतरा नहीं खड़ा होता।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि बांध की सुरक्षा के लिए तत्काल पर्याप्त मात्रा में सैंड बैग, बोल्डर और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए तथा संवेदनशील हिस्सों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए।
मौके पर कैंप कर रही प्रशासनिक टीम
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक और जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर कैंप कर रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि बांध की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
संवेदनशील स्थानों पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और फ्लड फाइटिंग सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रशासन की नजर अब गंगा के जलस्तर और बांध पर बने दबाव पर टिकी है।
ब्रह्मोत्तर बांध से जुड़ी मौजूदा स्थिति ने गोपालपुर प्रखंड में बाढ़ के खतरे की गंभीरता बढ़ा दी है। आने वाले घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
