नवगछिया । राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर कटाव फिलहाल स्थिर है, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण अब बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह कटाव स्थल से करीब दो किलोमीटर पश्चिम राघोपुर-अठगामा गांव की सीमा पर पुरानी रेलवे लाइन वाले तटबंध के निचले हिस्से में अचानक तीन जगह पानी का रिसाव शुरू हो गया। रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
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घटना की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। विभागीय कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद रिसाव की स्थिति को नियंत्रित किया। तटबंध की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने रिसाव स्थल के आसपास बनी झुग्गी-झोपड़ियों को भी हटवा दिया।
प्रशासन की ओर से आसपास के लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की अपील की गई है। तटबंध पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि पानी के दबाव के कारण किसी अन्य स्थान पर रिसाव या कटाव की स्थिति उत्पन्न न हो।

अठगामा गांव पर मंडराया बाढ़ का खतरा
इधर, गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से अठगामा गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी के जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो अगले दो-तीन दिनों में पानी तटबंध के ऊपर से बहने की स्थिति बन सकती है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों में भय का माहौल है। तटबंध के आसपास रहने वाले परिवार संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर जरूरी सामान सुरक्षित करने में जुटे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंध की लगातार निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर बचाव कार्य तेज करने की मांग की है।
ऊर्जा मंत्री ने लिया कटाव स्थल का जायजा
देर शाम ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कटाव स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख वरूण कुमार से तटबंध और रिसाव की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।
मंत्री ने अधिकारियों से तटबंध की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
फिलहाल राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर मुख्य कटाव स्थिर बताया जा रहा है, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर तटबंध और आसपास के गांवों के लिए चुनौती बन सकता है।
