अब जल्द ही बिहार के किसी भी कोने से राजधानी पटना तक का सफर मात्र 5 घंटे में पूरा किया जाएगा. जी हाँ ऐसा जल्द ही बिहार में होने जा रहा है. जिसके लिये विजन 2020 के तहत राज्य में सभी तरह के सड़को का विस्तार करने की योजना है. इस चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 5700 करोड़ की लागत से सड़कों के साथ ही पुल तथा पुलियों के निर्माण की योजना बनाई गयी है.
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इसके साथ ही राज्य के स्टेट हाइवे के साथ जिला सड़कों का भी चौड़ीकरण किया जायेगा और कृषि उत्पादक क्षेत्र,पर्यटन क्षेत्र, सांस्कृतिक महत्व और प्रमुख बाजारों को भी कनेक्टिविटी रोड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना में नक्सल प्रभावित क्षेत्राें को जोड़ने कि खास योजना सरकार द्वारा बनायी गयी है.इस योजना के तहत ही सरकार नक्सल प्रभावित राज्य के छह जिले जमुई, नवादा, बांका,औरंगाबाद, गया और मुजफ्फरपुर में चिह्नित कर 1050 किलोमीटर लंबी 60 जिला सड़कों को सिंगल लेन को कम से कम साढ़े पांच मीटर चौड़ा कर रोड बनाया जाएगा. जल्द ही इसी साल इस पर काम शुरू होने वाला है.
सड़कों के चौड़ीकरण का काम ढाई से तीन साल के अन्दर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही जल्द से जल्द से पांच प्रोजेक्ट जो अभी चल रहे हैं आरा-छपरा पुल, दीघा-सोनपुर एप्रोच रोड, जीपीओ से स्टेशन होते हुए चिरैयाटांड फ्लाइओवर, गंडौल-विरौल के बीच कमला नदी पर पुल और दाउदनगर-नासरीगंज के बीच सोन नदी पर बन रहे पुल का निर्माण कार्य पूरा होने का लक्ष्य जून 2017 तक रखा गया है.

