करीब छह साल पहले से बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में चल रहा गोलोक धाम का निर्माण कार्य अब अंतिम दौरा में है। 51 करोड़ की लागत से बन रहे धाम में राजस्थान के कारीगरों की नक्काशी भी देखने को मिलेगी। साल के अंत में मंदिर भक्तों के दीदार के लिए उपलब्ध होंगा।

मंदिर में होगा तीन विग्रह दरबार – मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष एलएन पोद्दार ने बताया कि मंदिर के पूजन-वेदी में तीन विग्रह दरबार होंगे। जिसमें गौर निताई यानि चैतन्य महाप्रभु एवं नित्यानंद प्रभु की प्रतिमा स्थापित होगी। वहीं दूसरे दरबार में राधा एवं बांके बिहारी विराजमान होंगे एवं तीसरे में श्रीराम जानकी लक्ष्मण एवं हनुमान की प्रतिमा होगी। मंदिर के बाहरी आवरण को इस प्रकार बनाया जा रहा है कि दिन में प्राकृति एवं आंतरिक रूप से प्रकाशित होगा एवं रात्रि में कृत्रिम प्रकाश से मंदिर की भव्यता देखते बनेगी। मंदिर की खूबसूरती के लिए नक्काशी किए हुए संगमरमर पत्थर एवं लकड़ी के द्वारा बिहार की प्राचीन कला-कौशल दिखाई पड़ेगी।

वैदिक अध्ययन केंद्र की होगी स्थापना

वैदिक क्रिया-कलापों में रुचि रखने वालों को मंदिर परिसर में बने अध्ययन केन्द्र में शिक्षा दी जाएगी। मंदिर अध्यक्ष कृष्ण कृपा दास ने कहा कि वैदिक गुरुकुल की स्थापना के साथ विशाल पुस्तकालय का निर्माण हो रहा है। जहां वेद-उपनिषद, पुराण आदि धार्मिक ग्रंथ भक्तों को पढ़ने के लिए उपलब्ध होंगे, साथ ही परिसर में शोध की भी व्यवस्था की जाएगी।

अध्यात्मिक संगीत कला केंद्र होगा आकर्षण

आध्यात्मिक संगीत से जुड़े लोगों के लिए केंद्र में श्रव्य-दृश्य पद्धति द्वारा झांकियों द्वारा भगवान की लीलाओं की समग्र जानकारी मिलेगी। मंदिर के प्रवक्ता नंद गोपाल दास ने कहा कि भगवान के अनुष्ठान में कला केंद्र की अहम भूमिका होगी।

पौष्टिक व्यंजनों के लिए बनेगा सभागार

मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष एलएन पोद्दार ने बताया कि मंदिर परिसर में गोविंदा रेंस्टोरेंट स्थापित होगा। जिसमें पौष्टिक वैष्णव व्यंजन लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। हरे कृष्ण गोशाला से प्राप्त शुद्ध घी, दूध आदि से व्यंजन बनाए जाएंगे।

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By न्यूज़ डेस्क

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