दिल्ली :देश के अधिकतर स्कूलों में अप्रैल से शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है. नए सत्र में निजी स्कूल अभिभावकों पर यूनिफॉर्म, किताबें, स्टेशनरी और बैग, स्कूल परिसर में उपलब्ध दुकान या चयनित विक्रेताओं के माध्यम से खरीदने का दबाव बना रहे हैं. स्कूलों की ओर से अभिभावकों पर बनाए जा रहे दबाव को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है.

 सीबीएसई ने स्कूलों को एडवाइजरी जारी कर हिदायत दी है कि स्कूल किताबें, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी, स्कूल बैग की बिक्री के माध्यम से वाणिज्यिक (व्यावसायिक) गतिविधियों में शामिल न हों. स्कूलों को बोर्ड के संबद्धता उप-नियमों के प्रावधानों का पालन करना होगा. सीबीएसई को लगातार अभिभावकों व अन्य हितधारकों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि स्कूल, परिसर में और चयनित विक्रेता के माध्यम से पुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी बेचने की व्यवसायिक गतिविधियों में शामिल हैं.

सीबीएसई ने स्कूलों को संबद्धता नियम 19.1(2) का हवाला देते हुए कहा है कि कंपनी एक्ट की धारा 25 के तहत सोसायटी, ट्रस्ट और कंपनी के लिए जरूरी है कि स्कूल को सामुदायिक सेवा के रूप में चलाया जाए न कि व्यवसाय के रूप में स्कूल परिसर में किसी भी रूप में व्यवसाय नहीं हो सकता.

बता दें कि हाल ही में एक प्राइवेट प्रकाशक की शारीरिक शिक्षा की पुस्तक में महिलाओं के फिगर को लेकर किए गए चित्रण के बाद भी काफी हंगामा हुआ. ऐेसे में सीबीएसई ने कहा है कि स्कूलों को लगातार कहा जा रहा है कि वे एनसीईआरटी और सीबीएसई पुस्तकों का ही प्रयोग करें. मगर बोर्ड को अभिभावकों और बच्चों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि स्कूल एनसीईआरटी व सीबीएसई की पुस्तकों के बजाए अन्य पाठ्यपुस्तकों को खरीदने का दबाव बना रहे हैं.

बोर्ड ने इस उल्लंघन को गंभीर रूप से देखते हुए कहा है कि शैक्षणिक संस्थान व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं हैं. उनका एकमात्र उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है. ऐसे में बोर्ड ने स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे अभिभावकों को पाठ्य पुस्तकें, नोटबुक, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, जूते, स्कूल बैग, स्कूल परिसर से ही या चयनित विक्रेताओं से खरीदने के अभ्यास से बचें. स्कूल संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस निर्देश का कड़ाई से पालन होगा

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *