29 अप्रैल को 12 वर्षो बाद बन रहा संयोग,
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शादी, स्वर्ण की खरीदारी, नया सामान, गृह-प्रवेश करना रहेगा शुभ
नवगछिया : अक्षय तृतीया के मौके पर राजा सूर्य और मंत्री गुरु का दिव्य संयोग बन रहा है। दयानंद बाबा ने कहा कि 29 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन 12 वर्षो बाद राजा-मंत्री यानि गुरु-सूर्य का सुंदर योग बनने से जातकों के लिए लाभकारी है। वैदिक बताते है कि ऐसा संयोग साल छह मई साल 2000 को बना था। उच्च के सूर्य और उसके साथ बुध होने से आदित्य योग बना रहा है। मेष राशि में मंगल और उच्च का सूर्य होने से शुभ संयोग बन रहा है।

इस दिन होगा मंगल कार्य
अक्षय तृतीया के दिन जो शुभ कार्य होंगे उनका क्षय नहीं होगा। इस दिन प्रमुख रूप से शादी, स्वर्ण की खरीदारी, नया सामान, गृह-प्रवेश, पदभार ग्रहण, वाहन क्रय, व्यापार प्रारंभ एवं भूमि पूजन आदि कार्य किए जाएंगे।
प्रभात झा ने भविष्य पुराण के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन सतयुग एवं त्रेतायुग का प्रारंभ माना जाता है। भगवान विष्णु के 24 अवतारों में भगवान परशुराम, नर-नारायण एवं हयग्रीव आदि तीन अवतार अक्षय तृतीय के दिन ही पृथ्वी पर आए थे। जानकारों की मानें तो तीर्थ स्थल बद्रीनारायण का पट भी अक्षय तृतीय के दिन ही खुलता है। ज्योतिष के अनुसार वर्ष में साढ़े तीन अक्षय मुहूर्त है। जिसमें प्रमुख स्थान अक्षय तृतीय का है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
अजीत पाण्डेय ने कहा कि अक्षय तृतीया को लेकर संशय की वजह से इसे 28 और 29 अप्रैल को मनाया जाएगा। ऋषिकेश पंचाग के अनुसार 28 अप्रैल को दोपहर 1:07 बजे से शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा जो 29 अप्रैल को 10:39 तक रहेगा। उदया तिथि शनिवार को होने से अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। महावीर जयंती के अनुसार 28 अप्रैल को परशुराम जयंती मनाई जाएगी।
खरीदारी के शुभ मुहूर्त – 29 अप्रैल को सुबह 6:19 बजे से 8:10 बजे तक
दोपहर – 12:49 बजे से 3:03 बजे तक
अक्षय तृतीया के दिन करें काम
इस दिन गंगा स्नान कर चावल, नमक, घी, शक्कर, फल, वस्त्र आदि का दान करे। गंगा में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है।
जप, तप , होम, पितृ तर्पण तथा दान आदि करने का महत्व है।

