हाइट में 3.6 फीट लंबे समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय निवासी विकास पोद्दार एनआईटी के सबसे छोटे इंजीनियर हैं। अब वह दूरसंचार विभाग के सी-डॉट सेंटर (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स) में रिसर्च एंड डिवेलपमेंट विभाग में काम करेंगे। रविवार को एनआईटी जालंधर के दीक्षांत समारोह में जैसे ही विकास को डिग्री मिली दोस्तों ने ताली बजाकर उन्हें इनकरेज किया। माता-पिता की थी बर्तन की दुकान…

बता दें कि जन्म से ही जेनेटिकल डिसऑर्डर के कारण विकास का कद बढ़ नहीं पाया। कैंपस प्लेसमेंट में उसे सी-डॉट ने 10 लाख का पैकेज ऑफर किया। विकास के पिता दिनेश पोद्दार बरतन की दुकान चलाते थे। विकास के फैमिली की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उन्होंने बताया कि न्यूज पेपर में जब उनकी खबरें छपीं तो एक बिजनेसमैन और बैंकर ने मिलकर उनकी आर्थिक मदद की।

गांव से हुई है शुरुआती पढ़ाई

रविवार को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एनआईटी जालंधर के 12वें दीक्षांत समारोह में विकास को डायरेक्टर डॉक्टर एलके अवस्थी ने डिग्री दी। बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले विकास की शुरुआती पढ़ाई गांव से हुई है। उन्होंने साल 2012 में एनआईटी जालंधर में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया। इसके बाद उन्होंने 8.2 सीजीपीए के साथ बीटेक की। कैंपस सिलेक्शन के बाद विकास ने बताया कि वे क्लाउड कंप्यूटिंग में रिसर्च कर रहे हैं।

किसी से भी किसी बात में कम नहीं

उन्होंने बताया कि अब नौकरी भी ट्रेनिंग जैसी लगती है लेकिन अभी तक के सफर से मैं संतुष्ट हूं। मुझे आजतक कभी महसूस नहीं हुआ कि मैं किसी से किसी भी बात में कम हूं। पढ़ाई के दौरान मेरे दोस्तों ने मुझे काफी सपोर्ट किया है। उन्हें बहुत मिस करता हूं। दूसरों को बेशक ऐसा लगता होगा कि प्रकृति ने मुझमें कोई कमी रखी है लेकिन ‘आईएम ए कंप्लीट मैन’। डिग्री मिलने पर बहुत खुश हूं।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *