आज बात करते है राहु देव की कुछ खास हम लालकिताब मे राहू को 3-6 घर पर ही शुभ फल देने वाला मानते है तीसरे घर मे राहू धन दौलत देने वाला होता बंदूक लिए खडा पहरेदार होता है यहा का राहू दिलेर और धन हानी को रोकता है ठीक वैसे ही छठे घर का राहू अचानक आने वाली मुसीबतो को रोकता है या टाल देता है छठे भाव के राहू के लिए कहा जाता की गले मे पडे फांसी के फंदे को भी हाथ से निकलवा देता है
ऐ भाव उसके परम मित्र बुध का है उसकी राशी के है इसके राहू की चीजो को घर मे बिलकुल रखे और कैक्टस का पौधा या कटीला पौधा खोटे सिक्के खराब बिजली का समान न रखे । चौथे घर मे बैठा राहु चुपचाप रहता है कोई फल नही देता जबतक उसको छेडा न जाए चौथे मे कर्क राशी आती है जो चद्र एव की है जो माता है चौथे घर मे राहू के गोचर के समय घर की छत मकान की मरम्मत शौचालय तोडना उसको दुबारा बनाना राहू के खराब असर को दोगना कर देता है तब घर के लोगो मे खासतर मुख्या को दिमागी अशांती या बिमारी झूठे आरोपो से जेल यात्रा तक करवा देता है पागलो जैसा स्वभाव करने लगता है पैसा बिमारी मे खर्च करवाता रहता है क्यूकी चौथा घर मकान कारक है इसमे छेडछाड से या खरीदना मकान बदलना यहा बैठे राहू को खराब करता है क्यूकी तीसरे और छठे भाव के अलावा राहू कही भी हो अपनी शरारत से बाज नही आता राहू परछाई गहरा काला धुआं मात्र है अष्टम भाव का राहू कडवा धुआं है यहा अचानक चोट कोर्ट केस बारबार पुलिस से पाला पडवाना ज्यादती दुश्मनी की तरफ इशारा करता है ।सातवे घर मे शुक्र राहू का आना मागंलिक दोष से अधिक खतरनाक है शुक्र जैसे कोमल ग्रह को चोट देता रहता है शुक्र पत्नी कारक है तो अकसर उसके सुख मे कमी करता है ठीक बारहवे मे भी दिमागी बिमारी देता है यदि शुक्र भी हो तो वासना रत करके गलत सोच और कामो की तरफ ईशारा देता है जैसे पांचवे मे राहू भले ही सतांन सुख देर से देता है पर पत्नी सुख मजबूत करता है यदि राहू अधिक परेशान कर रहा हो तो गंगा नदी के मे स्नान करे नही उसके जल को लाकर घर मे रोज नहाने के पानी मे डाले और थोडा हल्दी कुछ देर बाद नहाऐ । इससे मासिक कष्टो से आप बचे रहेंगे।

