पटना : अब कुछ घंटों के लिए रूकने पर आपको होटल का पूरा किराया देने की जरूरत नहीं है। अब होटलों में आप जितने घंटे रुकेंगे उतने ही घंटे का किराया देना होगा। यानि कुछ घंटे के स्टे के लिए पूरा किराया देने की मजबूरी से निजात मिलेगी।
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इसके लिए बस बुकिंग के वक्त आपको 2 घंटे से लेकर 10 घंटे के विकल्पों में से एक चुनना होगा। इसी आधार पर शुल्क तय होगी। इसके लिए होटल एग्रीगेटर एप पर प्री-बुकिंग पेमेंट के साथ ही कमरा आपके लिए तय समय पर उपलब्ध रहेगा।
यह सर्विस प्राथमिक तौर पर दिन की बुकिंग के लिए होगी। इससे शॉर्ट टाइम स्टे करनेवाले वर्किंग प्रोफेशनल्स, विद्यार्थियों और आउटस्टेशन परीक्षार्थियों को बड़ा फायदा होगा।

मई-जून से शुरू हो सकती है शॉर्ट टर्म बजट स्टे की सेवा
देश की कुछ स्टार्टअप कंपनियां बीते कुछ सप्ताह से बिहार के दूसरे और तीसरे स्तर के होटलों के सीधे संपर्क में है। कंपनी प्रतिनिधियों की मानें तो बिहार में प्रकाशोत्सव के सफल आयोजन के बाद से पटना देश के टूरिज्म मैप पर आ चुका है।
देश के कई शहरों में ऐसी सेवाएं चल रही हैं और सबकुछ ठीक रहा तो मई-जून से पटना के कई होटलों में शॉर्ट टर्म बजट स्टे की सेवा शुरू हो सकती है। इससे तीन-चार सौ रुपए खर्च कर बेहतर होटलों में कुछ घंटे रूकने का मौका मिल सकेगा।
क्या होता है अबतक
अबतक होटलों में आप दो-तीन घंटे रुकें तो भी आपको पूरा किराया ही देना पड़ता है। अधिकतर होटल चेक-आउट टाइम 12 बजे दोपहर को निश्चित कर रखा है। सबसे अधिक समस्या उनके साथ होती है जो सुबह-सुबह किसी शहर में पहुंचते हैं और अपना काम निपटाकर शाम को वापसी ट्रेन पकड़नी होती है।
ऐसे लोगों को 12 बजे की चेक-आउट टाइमिंग के कारण 10-12 घंटे के लिए पूरे दो दिन का किराया देना पड़ता है। राजधानी में अच्छे होटल का शुरुआती किराया भी ढाई हजार से अधिक है।
एकदिन का शुरुआती शुल्क
होटल मौर्या 7600
होटल पनास 8200
होटल चाणक्या 6900
होटल चाणक्या इन 2500
पाटलिपुत्रा अशोक 5200
पाटलिपुत्रा कंटीनेंटल 7300
बुद्धा हेरिटेज 5200
होटल गार्गी ग्रांड 6500
कहा- सीसीआई के चेयरमैन ने
सीआईआई (कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज) के चेयरमैन प्रभात कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार की होटल इंडस्ट्रीज के लिए यह बेहद सफल प्रयोग होगा। ग्राहकों के साथ ही इंडस्ट्री को भी फायदा होगा। मैं सीआईआई की ओर से यह कोशिश करूंगा की यह पहल जल्द शुरू हो जाए।
