कदवा में नाव हादसे के 11 घंटे बाद मिला शव
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ढोलबज्जा: बीते सोमवार की रात, करीब 7:45 बजे तेज हवा के साथ आये आंधी-तूफान से नवगछिया के कोसी पार कदवा दियारा पंचायत अंतर्गत ठाकुरजी कचहरी टोला कदवा के बालू घाट समीप, कोसी नदी के मारा धार में, हुए नाव हादसे के ग्यारह घंटे बाद मंगलवार की सुबह करीब 6:30 बजे वकिल सिंह के पुत्री अंजू कुमारी की शव ग्रामीणों की सहयोग से नदी से बाहर निकाला गया. शव को देखते हीं परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। वहीं माता दुखनी देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थी.
वकिल सिंह को चार पुत्र व तीन पुत्री समेत कुल सात संतानों में एक लड़का व दो लड़कियों शादीशुदा हैं. अंजू तीन बहनों में सबसे छोटी नवमी की छात्रा थी. इनके पिता एक निम्न वर्गीय गरीब किसान हैं जो मेहनत मजदूरी व मछुआ का काम कर, अकेले 11 परिवारों काम भरण-पोषण करता था. घटना की जानकारी मिलते हीं नवगछिया सीओ उदय कृष्ण यादव के साथ मुखिया अशोक सिंह, व अजय कुमार, सरपंच सिराज साह, उप मुखिया प्रतिनिधि मृत्युंजय सिंह व माले प्रखंड सचिव रामदेव सिंह के साथ अन्य लोगों ने मौके पर पहुंचकर, भारी दुःख व्यक्त करते हुए मृत परिजनों को ढांढस बंधाया. वहीं नवगछिया सीओ ने कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत, मृतिका के पिता को दाह-संस्कार के लिए तीन हजार रुपए देते हुए,


उचित मुआवजा भी देने का आश्वासन दिया और कदवा ओपी पुलिस के साथ थानाध्यक्ष के के भारती मौके पर पहुंचकर नाव हादसे की तहकीकात करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया भेजा.
जहां पोस्टमार्टम के बाद लाश परिजनों को सौंप दिया गया. मालूम हो कि अगले वर्ष भी इसी माह यानी 24 मई 2016 को एक हीं परिवार के दो लोग, दादी पोते

के रूप में कैलाश सिंह के पत्नी गिरजा देवी व सुमन कुमार का मौत नाव हादसे में हीं हो गया था. सबसे बड़ी दुःख की बात तो यह है कि- यहां हर साल कई लोगों के जाने खेती-बाड़ी करने के लिए नाव से नदी पार होकर, जाने-आने के दौरान नाव हादसे में हीं चले जा रहे हैं. फिर भी प्रशासन व अधिकारी लोग सोए हुए हैं. उक्त घटना से निजात दिलाने के लिए यहां के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द पीपा पुल देने की मांग किया है.
