पटना: नीतीश सरकार के मंत्री और अधिकारी कदाचार मुक्त परीक्षा कंडक्ट कराने को लेकर खुद की पीठ भले ही थपथपा रहे हैं लेकिन बोर्ड की कारगुजारी कई स्टूडेंट्स का भविष्य पर खतरा मंडराने लगा है.

बिहार के शेखपुरा के बरबीघा के रहनेवाले रोहित कुमार को जेईई मेन्स में 75 रैंक (pwd category) हासिल हुए हैं लेकिन बिहार बोर्ड ने उसे फेल घोषित कर दिया है. बोर्ड के इस कारनामे से रोहित हताश है और उसे समझ में नहीं आ रहा है कि उसके परिवार का सपना कैसे पूरा होगा.

रोहित का कहना है कि जेईई मेन्स में उसका जनरल रैंक 1,34,889 है जबकि पीडब्ल्यूडी कैटेगरी में उसका रैंक 75 हैं. इस रैंक के बाद एनआईटी के टॉप कॉलेज से दाखिले के लिए कॉल आ रहे है.

रोहित ने बताया कि यह कैसे संभव है कि जेईई मेन में उसे फिजिक्स में 52 अंक मिले जबकि बिहार बोर्ड ने थ्योरी एक और थ्योरी दो मिलाकर सिर्फ 13 दिए हैं. थ्योरी एक में उसे एक और थ्योरी दो में उसे 12 अंक मिले है.

बोर्ड के नियम के अनुसार थ्योरी एक और दो को मिलाकर कुल 21 नंबर लाना जरूरी है लेकिन 13 अंक के कारण उसे फेल घोषित कर दिया गया है. रोहित के अनुसार केमेस्ट्री में भी उसे काफी कम सिर्फ नंबर 27 अंक हासिल हुए हैं.

शेखपुरा का रहने रोहित कुमार राजो सिंह प्लस टू हाईस्कूल से 12वीं पास किया है. रोहित के परिवार का सलाना आमदनी करीब 60 हजार रुपये है. बोर्ड के इस कारनामे से रोहित का पूरा परिवार हताश और स्तब्ध है और पूरे परिवार का भविष्य अंधकारमय दिख रहा है.

उसका कहना है कि बोर्ड परीक्षा में उसके सभी पेपर काफी अच्छा हुआ था और उसे उम्मीद थी कि उसे फिजिक्स में कम से कम 70 और केमेस्ट्री में 65 अंक हासिल होते हैं.

रोहित ने बताया कि 2011 में एक हादसे में उसकी आंख में चोट लग थी लेकिन इलाज के अभाव में उसकी आंख खराब हो गई थी.

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By न्यूज़ डेस्क

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