कटिहार : विश्व योग दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। लेकिन योग में ऐसे भी धुरंधर हैं जिन्होंने कभी योग में विश्व रिकॉर्ड बनाया था। मिलिए शीर्षासण में वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने वाले कटिहार के मिर्चाईबाड़ी निवासी अखिलेशानंद झा से जो इन दिनों गुमनामी में जी रहे हैं।

न शासन को चिंता है और ना ही प्रशासन के अधिकारी सुध लेने आते हैं। दुबई के 61 मिनट के शीर्षासन के रिकॉर्ड को तोड़ कर दो साल पहले ही अखिलेशानंद ने नया कीर्तिमान स्थापित किया था। पेशे से सिविल कोर्ट में अधिवक्ता रहे अखिलेश आज भी रोजाना करीब एक घंटे शीरषासन कर रहे हैं। पीएम मोदी से इन्हें काफी उम्मीद थी। 22 दिसंबर 2015 को प्रबुद्धजनों के बीच उन्होंने खुद 68 मिनट का शीर्षासण का रिकॉर्ड बनाया, बावजूद इसके राष्ट्रीय स्तर पर पहचान नहीं मिली है। अखिलेश ने बताया की प्रथम विश्व योग दिवस, 21 जून 2015 को दुबई के लवेन स्टानली ने 61 मिनट का शीर्षासन कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

जिसे देख कर उन्होंने अपने योग के अभ्यास को निरंतर बढ़ाया तथा अब 70 मिनट तक का यह शीर्षासन लगातार कर पा रहे हैं। ऐसे में अगर सरकार प्रशासन सुध लेता तो शीर्षासन का विश्व रिकॉर्ड अपने देश के नाम होता। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय एवं मंत्री श्रीपद नाइक स्थानीय सांसद,विधायक से पत्राचार हो चुका है, लेकिन कहीं से उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का निमंत्रण नहीं मिला। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं लिम्का बुक में अपना नाम दर्ज कराने की ख्वाहिश रखने वाले अधिवक्ता अखिलेश ने अभी हार नहीं मानी है लेकिन शासन प्रशासन की उपेक्षा से दुखी जरूर है।

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By न्यूज़ डेस्क

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