बिहार का भागलपुर आतंकियों की पनाहगाह बनता दिख रहा है। यहां के एक गरीब दर्जी का बेटा अब्दुर्रहमान छह साल पहले मौलवी बनने मुंबई गया, लेकिन आतंकी बन गया। भागलपुर निवासी एक और आतंकी मो. तौहिद को अमेरिका सरकार खोज रही है। माना जा रहा है कि दोनों भागलपुर में ही भूमिगत हैं।
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बांगलादेशी आतंकी संगठन से जुड़ा अब्दुर्रहमान
विदित हो कि उत्तर प्रदेश के आतंकवादरोधी दस्ते (एटीएस) ने मुजफ्फरनगर के चरथावल से बांग्लादेश के ‘अन्सारूल्ला बांग्ला टीम’ से जुड़े आतंकी अब्दुल्लाह अल मामून को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर अब्दुर्रहमान का नाम सामने आया है। अब्दुर्रहमान भागलपुर के सुलतानगंज थाना क्षेत्र के तिलकपुर, नवादा गांव निवासी दर्जी मो. मोती का बेटा है।

खुफिया सूत्रों के अनुसार बांग्लादेशी आतंकियों को फर्जी पहचान पत्र मुहैया करा भारत में रहने में मदद की जा रही थी। गिरफ्तार बांग्लादेशी आंतकी के अनुसार अब्दुर्रहमान इस कार्य में मदद करता था। हालांकि, अब्दुर्रहमान के जानने वाले अनेक स्थानीय लोगों को उसके आतंकी होने पर यकीन नहीं हो रहा। उसका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है।
बहरहाल, यूपी एटीएस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद खुफिया एजेंसियों के साथ पुलिस महकमा भी हरकत में दिख रहा है। खुफिया एजेंसियां आतंकवादियों से जुड़ी पुरानी फाइलों को खंगालने में जुट गई हैं।
अमेरिका से जुड़े तौहिद के तार
आतंकी गतिविधियों से भागलपुर के तार पहले भी जुड़े रहे हैं। समय-समय पर यहां के लोगों के नाम प्रकाश में आते रहे हैं। अमेरिका जा कर आतंकवादी संगठन में शामिल हुआ मो. तौहिद भागलपुर के सिमरिया गांव का निवासी है। उसके भारत में होने की सूचना पर अमेरिका ने भारत सरकार से मदद मांगी थी।
खुफिया सूत्र बताते हैं कि वह जनवरी 2005 में अमेरिका गया और वहां विघटनकारी ताकतों में शामिल हो गया। अमेरिका के आंतरिक सुरक्षा विभाग की नजरों में चढऩे के बाद वहां से भाग गया। माना जा रहा है कि तौहिद भागलपुर में ही कहीं भूमिगत है।

