कमांडो यादव

नवगछिया :  एसपी सुधीर कुमार सिंह ने नवगछिया पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा है कि कमांडो को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था. कमांडों का कटिहार, भागलपुर और नवगछिया जिले के गंगा दियारा के करीब एक हजार एकड़ जमीन पर कब्जा था. कमांडो के भय से लोग अपने खेत पर नहीं जा पा रहे थे. पिछले दिनों जब कमांडो नवगछिया पुलिस को बार बार चकमा देने में सफल रहा था तो उसकी गिरफ्तारी के लिए भागलपुर के डीआईजी विकास वैभव के नेतृत्व में एसटीएफ टीम को कमांडो की गिरफ्तारी में लगाया गया था. कमांडों को गिरफ्तार करने की पूरी रणनीति नवगछिया के एसपी सुधीर कुमार ने बनायी थी और इसी रणनीति पर कार्रवाई कर एसटीएफ की टीम ने कमांडो को उसके तात्कालिक निवास से धर दबोचा.

बिजली विभाग के कर्मी बन कर कमांडो का टोह ले रही थी एसटीएफ की टीम

कमांडो को गिरफ्तार कर पाना इतना आसान नहीं था. नवगछिया पुलिस के कई तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारियों को कमांडो चकमा दे चुका था. दियारा की भौगोलिक बनावट का कमांडो काफी फायदा उठाता था और हर बार वह पुलिस को चमका देने में सफल हो जाता था. इसी कारण कमांडों को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी एसटीएफ की टीम को दी गयी. इन दिनों कमांडो कहलगांव के कमलाकुंड गंगा दियारा में एक तात्कालिक घर बना कर रह रहा था. प्रेस वार्ता में बात सामने आयी कि एसटीएफ के दो कर्मी सर्वप्रथम बिजली विभाग के कर्मी बन कर कमांडो के गांव पहुंचे और कमांडो के परिजनों से मिल कर कहा कि वे लोग बिजली विभाग से हैं और जो चोरी का बिजली जला रहे हैं,
इसमें यहां के किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद चाहिए. अवैध बिजली जलाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए वे लोग गांव में घूम रहे हैं. कमांडो के परिजनों को यह आसानी से विश्वास हो गया और दोनों कर्मियों की क्रमश: मदद करने लगे. इस क्रम में कर्मियों का बराबर गांव आना जाना लगा रहा और कमांडो कब घर आता है, कब निकलता है, इस बात का भी पता चल गया. एक दिन कमांडो घर पर ही था तो पूरी टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए जुट गयी थी लेकिन ऐन वक्त कमांडो घर से निकल गया. लेकिन वह भांप नहीं पाया कि वास्तव में बिजली विभाग के कर्मी बन गांव घूम रहे लोग पुलिस के आदमी हैं. कमांडो फिर गुरूवार को शाम में अपने घर आया और योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे एसटीएफ की टीम ने उसे दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया. जब खोजबीन की गयी तो कमांडो के ठिकाने से अवैध हथियारों की भी बरामदगी हुई.

कमांडो ने कर दी थी अपनी ही पत्नी की हत्या

वर्ष 2011 में कमांडो अपनी ही पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी रहा है. जानकारी के अनुसार वह बहुत दिनों से अपने ससुराल नहीं जा रहा था. कमांडो ने कई बार अपने ससुर व साले को दहेज देने की पेशकश की थी. दहेज नहीं मिलने पर उसने अपने संबंध को समाप्त कर लेने का फैसला लिया था. लेकिन एक दिन वह इस्माइलपुर के लक्ष्मीपुर नारायणपुर ससुराल में आता है. ससुरालवाले उसकी आवभगत भी करते हैं. देर रात कमांडो ने अपनी की पत्नी को गोली मार कर हत्या कर दी और वहां से भाग गया. इस मामले में भी कमांडो फरारी था. पुलिस ने इस मामले में कमांडो के विरूद्ध आरोप पत्र भी न्यायालय में समर्पित कर दिया है. इस्माइलपुर के ही अनिल मंडल हत्याकांड में भी कमांडो मुख्य आरोपी था. उस समय बात सामने आयी थी कि अनिल मंडल कमांडो के ही समानांतर एक गिरोह बनाने के फिराक में हैं. इसके लिए अनिल ने हथियारों की खरीददारी भी की है. कमांडों और उसके गिरोह के सदस्यों ने अनिल मंडल को घेर कर मार डाला और कहा जा रहा है कि कमांडो ने अनिल के हथियार भी लूट लिये थे. इसी वर्ष कमांडों ने दिन दहाड़े गोपालपुर के शिक्षक शंभु मंडल की हत्या घर घुस कर कर दी थी.

बात सामने आयी थी कि भूमि विवाद के कारण कमांडो ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया. शिक्षक की हत्या का मामला काफी चर्चित हुआ था. इस मामले में संलिप्त सभी अपराधियों की गिरफ्तारी पूर्व में ही हो चुकी है जबकि कमांडो फरार चल रहा था. कमांडो की गिद्ध दृष्टि हर साल गोपालपुर और इस्माइलपुर में होने वाले कटाव निरोधी कार्य पर भी थी. उसने कई बार कटाव निरोधी कार्य कर रहे ठेका ऐजेंसी के लोगों से रंगदारी की मांग की थी, इस तरह के मामले में भी वह फरार चल रहा था. फसल लूट, अपहरण कर फिरौती वसूलने के मामले में भी कमांडो आरोपी रहा है. कमांडो के आय का मुख्य स्त्रोत गंगा दियारा की सैकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा, सफेद बालू का अवैध खनन और जलकर पर जबरन शिकारमही करवाना था. कमांडो का गिरोह इन दिनों गंगा दियारा इलाके में काफी मजबूत हो गया था. कमांडो की गिरफ्तारी के बाद आम लोगों ने राहत की सांस ली है.

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By Rishav Mishra Krishna

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