नवगछिया : राजद नेता बाहुबली विनोद यादव हत्याकांड के मास्टरमाइंड नवगछिया प्रखंड के पूर्व प्रखंड प्रमुख, रालोसपा के लिए प्रदेश महासचिव पकरा निवासी शातिर मानकेश्वर सिंह उर्फ मंटू सिंह को नवगछिया पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार की शाम को छापेमारी कर उसके पकरा स्थित आवास के पास ही एक बासा से गिरफ्तार कर लिया है. गुप्त सूचना मिलते ही नवगछिया के एसपी पंकज सिंहा के निर्देश पर नवगछिया के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर संजय कुमार सुधांशु के नेतृत्व में पुलिस बलों ने सादे लिबाश में मोटरसाइकिल से ही मंटू सिंह के घर पर धावा बोल कर उसे दबोच लिया है.
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मंटू सिंह फिलहाल नवगछिया पुलिस जिले के रसलपुर में हुए राजद नेता बाहुबली विनोद यादव हत्याकांड और परवत्ता थाना क्षेत्र के मदहदपुर गांव के कपिलदेव सिंह हत्याकांड में वांछित था, जबकि इन दोनों मामले के अलावे कुल आठ जघन्य मामलों में मंटू चार्जसिटेड था. पिछले वर्ष 20 अगस्त को हुए राजद नेता बाहुबली विनोद यादव हत्याकांड में नामजद आरोपी मानकेश्वर सिंह उर्फ मंटू प्रमुख घटना के बाद से ही फरार चल रहा था. पुलिस ने उसके घर की कुर्की भी की थी, साथ ही नवगछिया पुलिस ने मंटू के विरूद्ध सीसीए का प्रस्ताव भी भेजा था.

पिछले दिनों नवगछिया पुलिस के स्तर से की गयी कार्रवाई में हर बार मंटू पुलिस को चकमा दे कर फरार हो जाता था. नवगछिया पुलिस मंटू की गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि मान रही है. छापेमारी में शामिल सभी पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत किये जाने की बात नवगछिया एसपी ने कही है. नवगछिया पुलिस कार्यालय में देर शाम आयोजित प्रेस वार्ता में नवगछिया एसपी पंकज सिंहा ने कहा कि गुप्त सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस की एक टीम का गठन किया गया और यह टीम सादे लिबाश में आठ मोटरसाइकिल से पकरा गांव की ओर रवाना हो गयी. मंटू के ठिकाने को पुलिस ने चारो तरफ से घेर लिया और इसके बाद मंटू के पास भागने का कोई मौका नहीं था और वह दबोचा गया. मालूम हो कि मंटू का तीन दशक का आपराधिक इतिहास रहा है. शुरूआत में छोटी मोटी चोरियों को अंजाम देने वाला मंटू सिंह क्रमश: जघन्य कांडों को अंजाम देने लगा. अपराध में आने के करीब डेढ़ दशक बाद उसने नवगछिया की राजनीति में कदम रखा और राजनीति में भी अपने रसूख और दबंगता के बल पर प्रभावशाली रहा.
लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी वह वोट बैंक माना जाता था. दो पंचवर्षीय तक मंटू नवगछिया प्रखंड का प्रमुख रहा. इसके बाद वर्ष 2016 में हुए पंचायत चुनाव में मंटू अपनी पत्नी नीलम देवी को नवगछिया प्रखंड के ही पुनामा प्रताप नगर की मुखिया बनाने मे कामयाब रहा तो मां गायत्री देवी को पकरा पंचायत की पंसस बनाने में कामयाब रहा. कहा जा रहा है कि मंटू त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की राजनीति में गोपालपुर विधानसभा की रजनीति की धूरी बन गया था. विनोद यादव हत्याकांड का तात्कालिक कारण भी पंचायत चुनाव की रंजिश था. प्रदेश व जिला स्तर की राजनीति के कई दिग्गत नेताओं का मंटू के घर आना जाना था और ऐसे नेताओं से मंटू के बेहतर संबंध थे.
विगत विधानसभा चुनाव में भी वह टिकट का दावेदार था. वह राष्ट्रीय लोक समता पार्टी से प्रदेश महासचिव पद भी मनोनीत किया गया था. कई बार वे रालोसपा की बैठक में दिखे भी थे. एसपी ने कहा कि पिछले दो वर्षो में हुए कई तरह की आपराधिक घटनाओं में मंटू की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका रही है. मंटू को नवगछिया जेल में रखना भी विधि व्यवस्था के मद्देनजर ठीक नहीं होगा. उसे दूसरे जिले के जेल में भेजने की तैयारी की जा रही है. छापेमारी में नवगछिया के इंस्पेक्टर संजय कुमार सुधांशु, नवगछिया थाने में प्रतिनियुक्त सअनि राघव कुमार सिंह समेत नवगछिया थाने के पुलिस बलों और नवगछिया एसपी के हाउस गार्ड भी शामिल थे.

