अगर आपके पास 200 और 2000 रुपये के गंदे या कटे-फटे नोट हैं तो इसका नुकसान आपको ही उठाना पड़ सकता है. ये नोट न तो बैंकों में बदले जा सकेंगे और न ही बैंक इन नोटों को जमा करेगा. भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि 200 और 2000 रुपये के नोट अब बैंकों में नहीं बदले जायेंगे. रिजर्व बैंक ने करेंसी नोटों के एक्सचेंज से संबंधित नियमों के दायरे में इन नोटों को नहीं रखा है.

मामला सरकार के पास लंबित

भारतीय रिजर्व बैंक, पटना के जनसंपर्क अधिकारी प्रसून कुमार शर्मा ने बताया कि फिलहाल 200, 500 और दो हजार रुपये के ऐसे नये नोट जो गंदे या कटे-फटे हैं, उन्हें नहीं बदला जा रहा है. नये प्रावधान के लिए मामला सरकार के पास लंबित है. रिजर्व बैंक एक्ट के सेक्शन 28 में इन नोटों का जिक्र नहीं, 2016 में नोटबंदी के बाद जारी हुए थे नोट

कटे-फटे या गंदे नोटों के एक्सचेंज का मामला

रिजर्व बैंक के नोट रिफंड नियम के तहत आता है जो रिजर्व बैंक एक्ट के सेक्शन 28 का हिस्सा है. इस एक्ट में 5, 10, 100, 500 और एक हजार रुपये के करेंसी नोटों का उल्लेख है, लेकिन 200 और 2000 रुपये के नोटों को स्थान नहीं दिया गया है.

ज्ञात हो कि दो हजार रुपये के नोट आठ नवंब -2016 को हुई नोटबंदी के बाद बाद जारी किया गया था. जबकि 200 रुपये का नोट अगस्त 2017 में जारी किया गया था. रिजर्व बैंक से मिली जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी की नयी सीरीज वाले नोटों के आकार में बदलाव के कारण एमजी सीरीज में कटे-फटे अौर गंदे नोटों की अदला-बदली मौजूदा नियमों के तहत नहीं हो सकती.

इसके लिए रिजर्व बैंक नोट रिफंड नियम में संशोधन करने की जरूरत है. मिली जानकारी के अनुसार रिजर्व बैंक ने सात माह से दो हजार रुपये के नोटों की छपाई भी अब बंद कर दी है.

सरकार जल्द लेगी फैसला

भारतीय स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उमाकांत सिंह ने बताया कि इससे लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. यह प्रावधान कुछ समय के लिए ही है. रिजर्व बैंक ने सरकार के पास नियम में संशोधन के लिए सरकार को पत्र लिखा है. उम्मीद है कि इस पर सरकार जल्द कोई फैसला लेगी. श्री सिंह ने बताया कि अगर प्रावधान में जल्द बदलाव नहीं किया गया तो बैंक और लोगों को परेशानियां शुरू हो सकती हैं.

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By न्यूज़ डेस्क

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