जाम से शहर में त्राहिमाम मचा तो एसएसपी आशीष भारती स्वयं सड़क पर उतर गए। तिलकामांझी से जीरोमाइल, फिर विक्रमशिला पुल पर जाम का हालात देखने गए। उसके बाद थानेदारों ने भी मोर्चा संभाल लिया। एसएसपी पुल पार कर हालात का जायजा लेने गए। जाम में फंसे लोग परेशान थे। ट्रकों के बीच से लुकाछिपी कर लोग निकल रहे थे। थानेदार और ट्रैफिक पुलिस जब फेल हो गए तो एसएसपी ने नवगछिया की ओर से आने वाले भारी वाहनों को रोक दिया।
पुल पर जगह-जगह पुलिस की तैनाती कर थानेदारों को जाम में फंसी गाड़ियों को धीरे-धीरे निकालने को कहा। एससपी ने माना कि संकरे पुल पर वाहनों के दबाव और ओवरटेक के कारण जाम लग रहा है। दिन के 12 से तीन बजे तक ओवरटेक को रोका गया। उसके बाद लोगों को जाम से निजात मिलने लगा, लेकिन पुल पर मरम्मत और वाहनों के दबाव को देखते हुए भारी वाहनों को डायवर्जन नहीं किया गया तो जाम की स्थिति में सुधार नहीं होगा।

सबौर से मसाढू तक भारी वाहनों की लगी थीं कतारें सबौर के मसाढ़ू पुलिया से पहले सड़क पर बड़े गड्ढे उभर आए हैं। पुल की ओर जाने पर वाहन गड्ढे में फंस जा रहे थे। दो दिनों से भारी वाहनों का रेला सड़क पर ही खड़ी है। दोनों तरफ से वाहनों की कतार लग जाने से छोटी गाड़ियां तो दूर लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी हो रही थी।
सोमवार को कुछ ट्रक चालकों ने अपने वाहनों को निकालने के लिये गड्ढे को भरने का प्रयास कर रहे थे। मंगलवार को गड्ढे के कारण भारी वाहनों का फंसने का सिलसिला जारी रहा। लगभग दो बजे के बाद सबौर स्थित एनएच से खाली वाहनों के निकल जाने से राहगीरों को थोड़ी राहत मिली। एनएच के कार्यपालक अभियंता राजकुमार ने कहा कि जाम से राहत मिले तो गड्ढे को भर दिया जाएगा।


