दिल दहलानेवाली खबर है। घटना उस प्रतिष्ठित राजेन्द्र कॉलेज में हुई है जो कभी जिले की शान हुआ करता था। कॉलेज कर्मी ने काउंटर पर छात्रों को कतार में आने को कहा तो कुछ छात्रों को यह बात नागवार गुजरी। आव देखा न ताव, ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर कर्मी को मौत के घाट उतार दिया। खून से लथपथ कर्मी शिव विनय राय ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। जिसने भी यह खबर सुनी दंग रह गया।
छात्रों के दुस्साहस से हर कोई अचंभित हो गया।
प्रत्यक्षदर्शी अन्य छात्रों ने बताया कि कॉलेज कर्मी शिव विनय राय बीए पार्ट वन का परीक्षा फॉर्म ले रहे थे। वातायन शाखा के काउंटर पर डेढ़ से दो हजार छात्र फॉर्म जमा करने के लिए लगे हुए थे। शिव विनय राय ने छात्रों को कतार में रहने को कहा। लेकिन कुछ छात्र कतार तोड़कर फॉर्म जमा करना चाह रहे थे। इस पर कुछ छात्र कर्मियों से उलझ गए। झड़प बढ़त गयी। इस दौरान इन्हीं छात्रों में से एक ने शिव विनय राय के सीने पर चाकू मार दिया। इलाज के दौरान सदर अस्पताल में लिपिक की मौत हो गयी।

घटना के बाद अफरातफरी का माहौल कायम हो गया। घटना के बाद अन्य कर्मी काउंटर बंद कर दिए। कर्मियों में घटना को लेकर आक्रोश है। कतार में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे छात्र भी काउंटर से हट गए। शिव विनय राय भगवान बाजार की बैंक कॉलोनी के रहनेवाले थे। परिजनों को उसकी मौत की खबर मिलते ही चीख-पुकार मच गई। उधर, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गयी है।
घटना के बाद कॉलेज के सभी काउंटर बंद हो गये। छात्र-छात्राएं बगैर फॉर्म जमा कराये ही लौट गये। सूचना मिलते ही एसपी हर किशोर राय, सदर एसडीओ चेत नारायण राय, डीएसपी अजय कुमार सिंह दलबल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे। मृतक के शव का पोटस्मार्टम कराया गया। एसपी ने बताया कि पुलिस जल्द ही हत्यारे को गिरफ्तार कर लेगी। इधर सड़क जाम कर रहे गुस्साए लोगों को भगवान बाजार पुलिस ने शांत करा कुछ ही देर बाद जाम हटवा दिया।
26 अप्रैल 1971 को प्राचार्य की हुई थी हत्या : 26 अप्रैल 1971 राजेन्द्र कॉलेज के इतिहास में काला दिन के रूप में याद किया जाता है। इस दिन कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य भोला प्रसाद सिंह की हत्या कर दी गई थी।


